33 गेंद खेलकर भी नहीं खुला खाता, 10 साल बाद वापसी पर ऑस्ट्रेलियाई बैटर निक मैडिनसन के नाम जुड़ा शर्मनाक रिकॉर्ड
सिडनी। क्रिकेट की दुनिया में कई बार एक शानदार खिलाड़ी की लंबे इंतजार के बाद हुई वापसी भी ऐसे अनचाहे रिकॉर्ड में बदल जाती है जिसे वह हमेशा के लिए भुलाना चाहेगा। ऐसा ही एक अविश्वसनीय और बेहद दर्दनाक वाकया ऑस्ट्रेलिया के घरेलू प्रथम श्रेणी टूर्नामेंट 'शेफील्ड शील्ड' (Sheffield Shield) के नए सीजन के दौरान देखने को मिला। ऑस्ट्रेलियाई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर और अनुभवी बाएं हाथ के बल्लेबाज निक मैडिनसन (Nic Maddinson) पूरे एक दशक यानी 10 साल के लंबे अंतराल के बाद अपनी घरेलू टीम न्यू साउथ वेल्स (New South Wales) की जर्सी पहनकर मैदान पर उतरे थे। लेकिन मैदान पर जो हुआ, उसने उन्हें इतिहास के पन्नों में एक बेहद शर्मनाक और अनचाहे रिकॉर्ड के साथ दर्ज कर दिया। मैडिनसन क्रीज पर पूरे 33 गेंदों तक टिके रहे, लेकिन एक भी रन नहीं बना सके और अंततः शून्य (0) के निजी स्कोर पर पवेलियन लौट गए।
33 गेंदों तक संघर्ष और शून्य पर अंत: क्रीज पर क्या हुआ?
न्यू साउथ वेल्स और विरोधी टीम के बीच खेले जा रहे इस महत्वपूर्ण मुकाबले में जब निक मैडिनसन बल्लेबाजी करने उतरे, तो टीम को एक मजबूत और अनुभवी साझेदारी की सख्त दरकार थी।
मैडिनसन ने बेहद रक्षात्मक रणनीति अपनाई और गेंदबाजों की कसी हुई लाइन-लेंथ के सामने हर गेंद को डिफेंड करना शुरू किया। ओवर दर ओवर बीतते गए, लेकिन उनका खाता नहीं खुला। गेंदबाज लगातार उन पर दबाव बनाते रहे और मैडिनसन गैप ढूंढने में पूरी तरह नाकाम रहे। आखिरकार, 33वीं गेंद पर उनका संयम जवाब दे गया और वे बिना कोई रन बनाए (Duck) आउट हो गए। इस तरह 33 गेंदों का मैराथन संघर्ष बिना किसी स्कोर के निराशाजनक अंत पर खत्म हुआ।
10 साल बाद न्यू साउथ वेल्स की टीम में हुई थी वापसी
32 वर्षीय निक मैडिनसन का न्यू साउथ वेल्स के साथ एक लंबा और भावनात्मक इतिहास रहा है:
विक्टोरिया से फिर घर वापसी: मैडिनसन ने 2018 में न्यू साउथ वेल्स छोड़कर विक्टोरिया (Victoria) का रुख किया था, जहां उन्होंने कई वर्षों तक कप्तानी की और ढेरों रन बनाए।
दशक बाद वापसी की उम्मीदें: इस घरेलू सीजन में उन्होंने दोबारा न्यू साउथ वेल्स के साथ करार किया था और 10 साल बाद उनकी इस वापसी को लेकर फैंस और चयनकर्ताओं में काफी उत्साह था।
पहला मैच बना बुरा सपना: लेकिन लंबे इंतजार के बाद मिली यह पहली पारी उनके करियर की सबसे असहज पारियों में से एक साबित हुई।
प्रथम श्रेणी क्रिकेट में दर्ज हुआ अनचाहा रिकॉर्ड
क्रिकेट इतिहास में गेंदें खेलकर शून्य पर आउट होने (Ducks with Most Balls Faced) की घटनाएं बहुत दुर्लभ होती हैं, और शीर्ष क्रम के किसी अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाज के लिए यह आंकड़ा और भी चौंकाने वाला होता है।
हालांकि प्रथम श्रेणी और टेस्ट क्रिकेट में 40 या 50 से अधिक गेंदों पर शून्य पर आउट होने के इक्का-दुक्का रिकॉर्ड दर्ज हैं (जैसे ज्योफ अलॉट का 77 गेंदों पर शून्य), लेकिन ऑस्ट्रेलियाई घरेलू क्रिकेट के हालिया इतिहास में किसी स्पेशलिस्ट टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज द्वारा 30 से अधिक गेंदें खेलकर खाता न खोल पाना एक बेहद दुर्लभ और शर्मनाक आंकड़ा बन गया है।
वापसी का अगला इम्तिहान
ऑस्ट्रेलियाई राष्ट्रीय टीम के लिए टेस्ट और टी20 मुकाबले खेल चुके निक मैडिनसन की प्रतिभा और आक्रामक स्ट्रोकप्ले से हर कोई वाकिफ है। उनके नाम शेफील्ड शील्ड में कई शानदार शतक दर्ज हैं। ऐसे में क्रिकेट जानकारों का मानना है कि यह केवल एक खराब दिन और दबाव का नतीजा था। दूसरी पारी में मैडिनसन के पास इस खराब शुरुआत को पीछे छोड़कर अपनी स्वाभाविक बल्लेबाजी से आलोचकों को जवाब देने का पूरा मौका रहेगा।