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October 07 2026 11:26 pm

फ्रांस में शिक्षा सुधारों के खिलाफ छात्रों का हिंसक प्रदर्शन: पुलिस और प्रदर्शनकारियों की झड़प में धमाका

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फ्रांस की राजधानी पेरिस समेत कई बड़े शहरों में सरकार की नई शिक्षा नीति और विश्वविद्यालयों के बजट में कटौती के खिलाफ छात्रों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है। सैकड़ों हाई स्कूल और यूनिवर्सिटी के छात्रों द्वारा निकाले गए विरोध मार्च के दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच भीषण हिंसक झड़पें हुईं। इसी टकराव के दौरान एक जोरदार धमाके में प्रदर्शन कर रहे एक युवा छात्र का हाथ बुरी तरह क्षत-विक्षत होकर उड़ गया।

इस भयावह घटना के बाद पूरे फ्रांस में छात्रों, शिक्षक यूनियनों और मानवाधिकार संगठनों में आक्रोश की लहर दौड़ गई है। पेरिस, ल्योन, मार्सिले और टूलूज़ जैसे प्रमुख शहरों में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं और कई शैक्षणिक संस्थानों के मुख्य द्वारों को छात्रों ने बैरिकेड्स लगाकर पूरी तरह ब्लॉक कर दिया है।

आंसू गैस का ग्रेनेड उठाते ही फटा: चीखों से दहल उठी सड़क

प्रत्यक्षदर्शियों और फ्रांसीसी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पेरिस के मध्य इलाके में हजारों छात्र सरकार विरोधी नारे लगाते हुए संसद भवन की ओर मार्च कर रहे थे। जब पुलिस ने भीड़ को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए, तो छात्रों ने पत्थरबाजी और कचरे के डिब्बों में आग लगाकर जवाब दिया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए दंगा रोधी पुलिस (CRS) ने वॉटर कैनन और आंसू गैस के स्टन ग्रेनेड्स (GLI-F4/Tear Gas Canister) की ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।

इसी बीच, पुलिस की तरफ से दागा गया एक विस्फोटक ग्रेनेड प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच आ गिरा। 20 वर्षीय एक छात्र ने अपनी और साथियों की सुरक्षा के लिए जैसे ही उस कैनिस्टर को उठाकर वापस फेंकने का प्रयास किया, वह उसके हाथ में ही तेज धमाके के साथ फट गया। धमाका इतना भीषण था कि छात्र का दायां हाथ कलाई से अलग हो गया और वह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा। मौके पर मौजूद साथी छात्रों ने प्राथमिक उपचार देकर उसे एम्बुलेंस के जरिए नजदीकी ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां डॉक्टरों को सर्जरी कर उसका हाथ काटना पड़ा।

किस बात को लेकर सड़कों पर हैं फ्रांस के छात्र?

फ्रांस में शिक्षा व्यवस्था को लेकर पिछले कई हफ्तों से असंतोष सुलग रहा था। छात्रों के प्रमुख विरोध के बिंदु इस प्रकार हैं:

शिक्षा बजट में भारी कटौती: सरकार ने सार्वजनिक खर्चों को कम करने के लिए उच्च शिक्षा और विश्वविद्यालय अनुसंधान बजट में भारी कटौती का प्रस्ताव रखा है।

सख्त चयन प्रक्रिया (Parcoursup): विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए लागू की जा रही नई मेरिट और स्क्रीनिंग प्रणाली को छात्र भेदभावपूर्ण और असमानता बढ़ाने वाला बता रहे हैं।

छात्रों की बदहाली और महंगाई: भोजन, हॉस्टल के किराए और बुनियादी किताबों की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि के चलते छात्र वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं, जिसे लेकर सरकार से आपात राहत पैकेज की मांग की जा रही थी।

पुलिस बर्बरता के खिलाफ विपक्ष और यूनियनों का मोर्चा

इस हादसे के बाद फ्रांसीसी पुलिस की भीड़-नियंत्रण तकनीकों और विस्फोटक ग्रेनेड्स के इस्तेमाल पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वामपंथी विपक्षी दलों (La France Insoumise) और नेशनल स्टूडेंट यूनियन (UNEF) ने गृह मंत्रालय और पुलिस पर 'बर्बरता और अत्यधिक बल प्रयोग' का आरोप लगाया है। छात्र संघों ने मांग की है कि प्रदर्शनकारियों पर इस्तेमाल किए जाने वाले इन विस्फोटक स्टन ग्रेनेड्स पर तुरंत पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।

वहीं, पेरिस पुलिस मुख्यालय ने सफाई देते हुए कहा है कि सुरक्षाकर्मियों पर पेट्रोल बम (मोलोटोव कॉकटेल) और एसिड की बोतलें फेंकी जा रही थीं, जिसके जवाब में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मानक प्रक्रियाओं का पालन किया गया। आंतरिक मामलों के विभाग (IGPN) ने छात्र के घायल होने की घटना की औपचारिक न्यायिक जांच शुरू कर दी है।

देशव्यापी हड़ताल की चेतावनी

छात्र का हाथ उड़ने की इस घटना ने आंदोलन की आग में घी डालने का काम किया है। शिक्षक संघों और देश के सबसे बड़े श्रमिक संगठनों (CGT) ने छात्रों के समर्थन में देशव्यापी हड़ताल (National Strike) और विशाल विरोध प्रदर्शनों का आह्वान किया है। यदि स्थिति पर जल्द काबू नहीं पाया गया, तो यह आंदोलन मैक्रों सरकार के लिए 'येलो वेस्ट' (Yellow Vest) आंदोलन जैसी बड़ी राजनीतिक चुनौती में तब्दील हो सकता है।