नौकरी या मशीनों की क्रांति? विनोद खोसला ने जताई एआई से भविष्य की तस्वीर

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India News Live,Digital Desk : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) ने पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया है। दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियां अब अपने कारोबार में एआई का इस्तेमाल तेज़ी से बढ़ा रही हैं। दूसरी ओर, इसके चलते बड़े पैमाने पर नौकरियां जाने का भी डर है। बड़ी टेक कंपनियां बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छंटनी कर रही हैं, जिसे एआई का असर माना जा रहा है। हालाँकि, छंटनी करने वाली कंपनियां एआई को खुलकर स्वीकार नहीं कर रही हैं। सन माइक्रोसिस्टम्स के सह-संस्थापक विनोद खोसला ने एआई के असर को स्वीकार किया है और उनका मानना है कि एआई के कारण कई नौकरियां जाएँगी।

विनोद खोसला विशेषज्ञ बनने के बजाय सामान्य चिकित्सक बनने की सलाह देते हैं

निखिल कामत के साथ एक पॉडकास्ट में विनोद खोसला ने कहा कि अगले 5 सालों में 80 प्रतिशत नौकरियाँ खत्म हो जाएँगी। उन्होंने कहा कि इन नौकरियों में लगे लोगों का सारा काम एआई खुद कर देगा, जिससे उन्हें अपनी नौकरी गँवानी पड़ेगी। विनोद ने छात्रों को सलाह दी है कि वे वर्तमान समय और तकनीक को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञ बनने की बजाय सामान्यज्ञ बनें और किसी एक विषय की बजाय हर चीज़ की जानकारी हासिल करें।

AI मानवता का 80 प्रतिशत काम करेगा

भारतीय अमेरिकी निवेशक विनोद खोसला ने कहा कि आज मानवता जो भी काम कर रही है, आने वाले समय में वो सारे काम एआई द्वारा किए जाएँगे और 80 प्रतिशत काम ऐसे ही हैं। एआई से निश्चित रूप से नौकरियों का बड़ा नुकसान होगा, लेकिन यह कई नए अवसर भी प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि एआई ऐसे अवसर पैदा करेगा जिनकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते। विनोद ने निखिल कामत को बताया कि 2040 तक बहुत कुछ बदल जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ऐसे हालात पैदा होंगे कि बहुत सी नौकरियाँ खत्म हो जाएँगी। उनका मानना है कि अगर कोई यह काम करता भी है, तो समझ लीजिए कि वह इसे शौक के तौर पर कर रहा है क्योंकि इसकी कोई ज़रूरत ही नहीं होगी।

AI का मतलब है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस। जिस तरह से इसका विकास हो रहा है, उससे लगता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानव बुद्धि का केंद्र बनता जा रहा है। कंप्यूटर विज्ञान के अद्भुत और सबसे शक्तिशाली आविष्कारों में से एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से कंप्यूटर सिस्टम पहले से कहीं ज़्यादा विकसित हो गए हैं।