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July 15 2026 06:28 pm

कांवड़ यात्रा पर यूपी DGP राजीव कृष्ण की हाईलेवल मीटिंग, डीजे (DJ) की आवाज और ऊंचाई को लेकर जारी किए बेहद सख्त निर्देश

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सावन के पवित्र महीने और कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra 2026) की शुरुआत से ठीक पहले शासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने राज्य के सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक आपातकालीन उच्चस्तरीय ऑनलाइन अपराध समीक्षा बैठक की। डीजीपी ने कड़े लहजे में निर्देश दिया कि इस वर्ष की कांवड़ यात्रा को 'जीरो इंसीडेंट (शून्य घटना) और जीरो एक्सीडेंट (शून्य दुर्घटना)' के संकल्प के साथ संपन्न कराना है। बैठक में कांवड़ यात्रा के दौरान बजने वाले डीजे (DJ) की आवाज, सुरक्षा मानकों, और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती को लेकर सख्त गाइडलाइंस जारी की गईं।

डीजे (DJ) की आवाज और ऊंचाई पर कोर्ट-शासन के नियम होंगे लागू

कांवड़ यात्रा के दौरान अक्सर विवाद का कारण बनने वाले डीजे (DJ) को लेकर डीजीपी राजीव कृष्ण ने सभी एडीजी जोन, पुलिस कमिश्नरों, आईजी-डीआईजी और कप्तानों (SSP/SP) को दोटूक निर्देश दिए:

नियमों का पालन: यह हर हाल में सुनिश्चित किया जाए कि कांवड़ यात्रा में शामिल होने वाले डीजे की ऊंचाई और उसकी ध्वनि (Sound Level) माननीय न्यायालय और शासन द्वारा तय किए गए कानूनी मानकों के अनुरूप ही हो।

हाई-टेक निगरानी: डीजे और कांवड़ जत्थों की निगरानी के लिए पारंपरिक पुलिसिंग के साथ-साथ टेथर्ड ड्रोन (Tethered Drones), सीसीटीवी कैमरों और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल का प्रभावी उपयोग किया जाए।

संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर: पूर्व में घटित हुए सांप्रदायिक या स्थानीय विवादों की समीक्षा करते हुए संवेदनशील हॉटस्पॉट्स पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए और असामाजिक तत्वों पर पहले से ही निरोधात्मक (Preventive) कानूनी कार्रवाई की जाए।

थानों को कबाड़ से मिलेगी मुक्ति, हर जिले में बनेगा 'डंपिंग यार्ड'

बैठक के दौरान कानून-व्यवस्था के साथ-साथ थानों के आधुनिकीकरण और स्वच्छता पर भी विशेष चर्चा हुई। रायबरेली और अलीगढ़ के पुलिस कप्तानों ने अपने थानों में वर्षों से लावारिस और जब्त पड़े वाहनों के सफल निस्तारण को लेकर एक विशेष प्रस्तुतिकरण (Presentation) दिया, जिसकी डीजीपी ने जमकर सराहना की। डीजीपी ने इसी मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू करने का निर्देश देते हुए कहा कि सभी जिलों के एसपी अपने यहां एक विशेष 'डंपिंग यार्ड' बनवाएं, ताकि थानों के परिसर को कबाड़ हो चुके वाहनों से मुक्त कराया जा सके।

15 दिन पहले अलार्म बजाएगा 'केस डायरी मॉनिटरिंग डैशबोर्ड'

उत्तर प्रदेश पुलिस अब लंबित मुकदमों और विवेचनाओं (Investigations) को समय पर पूरा करने के लिए पूरी तरह डिजिटल होने जा रही है। तकनीकी सुधारों का पूरा ब्योरा नीचे दी गई तालिका में व्यवस्थित है:

तकनीकी व सुरक्षा सुधार (Police Tech Upgrades)मुख्य अधिकारी / पहल (Initiative By)कार्यप्रणाली और समाज पर प्रभाव (Impact)
केस डायरी मॉनिटरिंग डैशबोर्डअभिषेक भारती (SP औरैया) व आशिष तिवारी (DIG तकनीकी सेवा)निर्धारित 60 या 90 दिनों की अवधि खत्म होने से 15 दिन पहले ही विवेचक को ऑटोमैटिक अलर्ट मिल जाएगा, जिससे पेंडिंग केस समय पर निपटाए जा सकेंगे।
मिशन शक्ति केंद्रमहिला सुरक्षा विंग (UP Police)स्थापना के तुलनात्मक आंकड़ों के अनुसार दहेज हत्याओं में 43% और दहेज प्रताड़ना के मामलों में 13% की भारी कमी दर्ज की गई है।
जेडएफडी (ZFD) और आरटीसी (RTC) अभियानयातायात निदेशालय, उत्तर प्रदेश2025 की तुलना में 2026 की पहली छमाही (1 Jan - 30 June) में सड़क हादसों में 9% की कमी आई है और 800 से अधिक नागरिकों की जान बचाई गई है।

अपराधियों पर लगेगा गैंगस्टर और गुंडा एक्ट, पड़ोसी राज्यों से रहेगा संपर्क

डीजीपी राजीव कृष्ण ने कांवड़ मार्गों, विश्राम शिविरों (Camps), नदी घाटों और प्रमुख शिव मंदिरों पर बैरिकेडिंग, पुख्ता लाइटिंग (प्रकाश व्यवस्था) और रूट डायवर्जन प्लान को समय से लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सीमावर्ती जिलों के कप्तानों को निर्देश दिया कि वे उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली जैसे पड़ोसी राज्यों के पुलिस अधिकारियों से लगातार रियल-टाइम समन्वय (Coordination) बनाए रखें। इसके साथ ही, राज्य में पेंडिंग पड़े जघन्य अपराधों—जैसे हत्या, डकैती, लूट और चेन स्नैचिंग का 15 दिनों के भीतर खुलासा करने तथा सक्रिय अपराधियों पर गैंगस्टर व गुंडा एक्ट के तहत कठोरतम कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया गया है।