Vastu Tips: घर में वास्तु दोष के गुप्त संकेत; आपकी ये छोटी गलतियां बन सकती हैं बड़ी बर्बादी का कारण
India News Live,Digital Desk : वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) के अनुसार, हमारा घर केवल रहने की जगह नहीं है, बल्कि यह ऊर्जा का एक केंद्र है। कई बार हम जीवन में आ रही आर्थिक तंगी या मानसिक तनाव के लिए बाहरी कारणों को जिम्मेदार ठहराते हैं, लेकिन असल वजह हमारे घर के भीतर छिपे वास्तु दोष (Vastu Dosha) हो सकते हैं। ज्योतिष डेस्क की रिपोर्ट के मुताबिक, हमारी कुछ दैनिक आदतें घर में नकारात्मकता को न्योता देती हैं।
यहाँ घर में वास्तु दोष के मुख्य संकेत और उन्हें सुधारने के तरीके दिए गए हैं:
1. कबाड़ और अव्यवस्था (Clutter)
घर के कोनों में जमा पुराना कबाड़, टूटे-फूटे बर्तन या फटे कपड़े नकारात्मक ऊर्जा को सोखते हैं।
वास्तु प्रभाव: विशेष रूप से ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में भारी सामान या गंदगी होने से बुद्धि भ्रमित होती है और निर्णय लेने की क्षमता कमजोर पड़ती है।
2. बंद घड़ियां और खराब इलेक्ट्रॉनिक्स
अक्सर हम घर में बंद पड़ी घड़ियों या खराब पड़े मोबाइल और चार्जर को नजरअंदाज कर देते हैं।
वास्तु प्रभाव: वास्तु में घड़ी को 'समय की प्रगति' माना गया है। बंद घड़ी जीवन में ठहराव और अवसरों की कमी लाती है। खराब इलेक्ट्रॉनिक्स राहु के नकारात्मक प्रभाव को बढ़ाते हैं।
3. रसोई में जूठे बर्तन
रात के समय सिंक में जूठे बर्तन छोड़कर सोना सबसे बड़ा वास्तु दोष माना जाता है।
वास्तु प्रभाव: गंदी रसोई और जूठे बर्तन माँ लक्ष्मी को रुष्ट करते हैं, जिससे घर में आर्थिक असंतुलन पैदा होता है और अचानक खर्च बढ़ जाते हैं।
4. पानी का रिसाव (Water Leakage)
यदि आपके घर में नल टपक रहे हैं या पाइप से पानी का रिसाव हो रहा है, तो इसे तुरंत ठीक कराएं।
वास्तु प्रभाव: बहता हुआ पानी 'धन के बह जाने' का प्रतीक है। यह आर्थिक हानि के साथ-साथ परिवार के सदस्यों के बीच भावनात्मक अस्थिरता भी लाता है।
5. मुख्य द्वार पर जूते-चप्पल
घर के प्रवेश द्वार को 'सफलता का द्वार' कहा जाता है। यहाँ जूते-चप्पलों का ढेर या कूड़ादान रखना शुभ ऊर्जा के मार्ग को रोकता है।
वास्तु प्रभाव: मुख्य द्वार पर अवरोध होने से नए अवसर हाथ से निकल जाते हैं और बनते हुए कार्यों में रुकावट आती है।
नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के 3 सरल उपाय
प्राकृतिक रोशनी: सुबह के समय घर के खिड़की-दरवाजे खोलें ताकि ताजी हवा और सूर्य की रोशनी प्रवेश कर सके। यह प्राकृतिक रूप से वास्तु दोष कम करती है।
नमक का पोछा: हफ्ते में एक बार पानी में समुद्री नमक (Sea Salt) मिलाकर पोछा लगाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है।
कपूर का धुआं: शाम के समय पूजा घर में कपूर जलाकर पूरे घर में दिखाने से वातावरण शुद्ध होता है और मानसिक शांति मिलती है।