BREAKING:
June 28 2026 02:17 am

'हम पीएम मोदी और उनके काम के बड़े प्रशंसक हैं' अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत को बताया 'ग्लोबल पावर', व्यापार समझौते पर बड़ा खुलासा

Post

वाशिंगटन/व्हाइट हाउस डेस्क: भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक और कूटनीतिक रिश्ते एक नए स्वर्णिम दौर में प्रवेश कर रहे हैं. अमेरिकी विदेश मंत्री (US Secretary of State) मार्को रुबियो (Marco Rubio) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के विजन और उनके नेतृत्व की वैश्विक मंच पर खुलकर सराहना की है. व्हाइट हाउस में समाचार एजेंसी 'आईएएनएस' (IANS) को दिए एक विशेष इंटरव्यू में अमेरिकी विदेश मंत्री ने भारत को तेजी से उभरती हुई 'वैश्विक महाशक्ति' (Global Power) करार दिया.

इस दौरान मार्को रुबियो ने दो-टूक शब्दों में कहा— "हम प्रधानमंत्री मोदी और उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों के बहुत बड़े प्रशंसक हैं."

पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच घनिष्ठ संबंध

मार्को रुबियो ने भारत-अमेरिका संबंधों को इतिहास में सबसे मजबूत बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के बीच बेहद घनिष्ठ और व्यक्तिगत संबंध हैं. यह आपसी तालमेल दोनों देशों के रणनीतिक और रक्षा रिश्तों को एक नई और सकारात्मक दिशा दे रहा है.

G7 की सकारात्मक बैठक: विदेश मंत्री ने हाल ही में आयोजित हुए जी-7 (G-7) शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए कहा कि वहां पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हुई द्विपक्षीय मुलाकात बेहद सकारात्मक और ऐतिहासिक रही, जिसका असर आने वाले समय में पूरी दुनिया को दिखेगा.

अंतिम चरण में भारत-अमेरिका व्यापार समझौता (Trade Agreement)

इंटरव्यू के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री ने दोनों देशों के आर्थिक मोर्चे से जुड़ा एक बहुत बड़ा अपडेट साझा किया:

जल्द होगी बड़ी घोषणा: मार्को रुबियो ने खुलासा किया कि भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से लंबित व्यापार समझौते (Trade Agreement) को अंतिम रूप देने की दिशा में दोनों तरफ से बहुत तेजी से काम चल रहा है. उन्होंने साफ किया कि यह मेगा ट्रेड डील अब अपने अंतिम चरण (Final Stage) में पहुंच चुकी है और बहुत जल्द दोनों देशों के प्रमुख इसकी आधिकारिक घोषणा कर सकते हैं.

अगले साल की शुरुआत में भारत आ सकते हैं डोनाल्ड ट्रंप

भारत-अमेरिका के बीच प्रगाढ़ होते रिश्तों के बीच मार्को रुबियो ने संकेत दिया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले वर्ष (2027) की शुरुआत में भारत की आधिकारिक यात्रा पर जा सकते हैं. इस हाई-प्रोफाइल यात्रा को लेकर वाशिंगटन और नई दिल्ली के स्तर पर राजनयिक तैयारियां अभी से शुरू हो चुकी हैं. इस यात्रा का मुख्य फोकस इंडो-पैसिफिक क्षेत्र (Indo-Pacific) में चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करना और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना होगा.

इन 6 अहम सेक्टर्स में मिलकर काम कर रहे हैं दोनों देश

अमेरिकी विदेश मंत्री के अनुसार, बदलते वैश्विक परिदृश्य में दोनों देश सिर्फ पारंपरिक व्यापार नहीं, बल्कि भविष्य की तकनीकों पर मिलकर काम कर रहे हैं:

रक्षा (Defense Cooperation)

ऊर्जा (Energy Sector): अमेरिका भारत की बढ़ती क्लीन और न्यूक्लियर ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में बड़ा साझीदार बनने का इच्छुक है.

क्रिटिकल मिनरल्स (खनिज)

सप्लाई चेन (आपूर्ति श्रृंखला)

समुद्री सुरक्षा (Maritime Security)

क्वाड (Quad Grouping): हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए क्वाड सहयोग को और अधिक विस्तार दिया जाएगा.

भारतीय-अमेरिकी समुदाय की तारीफ: दोनों देशों के बीच मजबूत सेतु

मार्को रुबियो ने अमेरिका के भीतर रह रहे भारतीय-अमेरिकी समुदाय (Indian-American Community) के योगदान को भी खूब सराहा. उन्होंने कहा कि इस समुदाय ने न केवल अमेरिका के आर्थिक और तकनीकी विकास में मील का पत्थर स्थापित किया है, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र (भारत) और सबसे पुराने लोकतंत्र (अमेरिका) के साझा मूल्यों को आपस में जोड़ने के लिए एक मजबूत सेतु (Bridge) का काम किया है.