US-Iran Ceasefire : क्या मोजतबा खामेनेई और ट्रंप के बीच होगी ऐतिहासिक बात? पाकिस्तान बन सकता है शांति का नया ठिकाना

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India News Live,Digital Desk : मध्य पूर्व में जारी भीषण संघर्ष के बीच एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के 25वें दिन (24 मार्च) शांति की उम्मीदें जगती दिख रही हैं। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच पर्दे के पीछे बातचीत का सिलसिला शुरू हो चुका है। युद्ध की विभीषिका को समाप्त करने के लिए दोनों पक्ष अब मेज पर बैठने को तैयार नजर आ रहे हैं।

खामेनेई की 'शर्तों' के साथ बातचीत की मंजूरी

सऊदी अरब के प्रमुख समाचार चैनल 'अल अरबिया' ने इजरायली मीडिया के हवाले से दावा किया है कि मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका के साथ सीधे संवाद और समझौते के लिए हरी झंडी दे दी है। बताया जा रहा है कि ईरान ने अपनी संप्रभुता और हितों की रक्षा के लिए कुछ कड़ी शर्तें रखी हैं, जिन पर सहमति बनने के बाद युद्ध विराम (Ceasefire) का ऐलान हो सकता है। यह ईरान की विदेश नीति में एक बड़ा यू-टर्न माना जा रहा है।

ट्रंप ने थामी हमलों की रफ्तार, दिया बड़ा संकेत

शांति प्रयासों को बल देते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रूथआउट' पर सकारात्मक बातचीत का वादा किया है। ट्रंप प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अगले 5 दिनों के लिए ईरानी बिजली संयंत्रों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे (Energy Infrastructure) पर होने वाले हमलों को स्थगित कर दिया है। व्हाइट हाउस का कहना है कि यह 'वेट एंड वॉच' की स्थिति है ताकि राजनयिक रास्तों को एक मौका मिल सके।

पाकिस्तान बना 'शांति दूत': इस्लामाबाद में हो सकती है गुप्त बैठक

इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण बनकर उभरी है। अमेरिकी समाचार आउटलेट 'एक्सियोस' की रिपोर्ट के अनुसार:

सेना प्रमुख से सीधी बात: डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिफ मुनीर से फोन पर लंबी चर्चा की है, जिसका मुख्य केंद्र ईरान युद्ध का समाधान था।

इस्लामाबाद में वार्ता: संभावना जताई जा रही है कि इसी सप्ताह पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के बीच एक उच्च-स्तरीय गुप्त बैठक हो सकती है।

राजनयिक प्रयास: पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ लगातार ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेशकियान के संपर्क में हैं और अमेरिका के संदेशों को तेहरान तक पहुंचा रहे हैं।

युद्ध का 25वां दिन: विनाश से विकास की ओर?

पिछले 25 दिनों से जारी इस जंग ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल की कीमतों को हिला कर रख दिया है। यदि पाकिस्तान की मध्यस्थता सफल रहती है और ट्रंप-खामेनेई के बीच समझौता होता है, तो यह 21वीं सदी की सबसे बड़ी राजनयिक जीत साबित हो सकती है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें इस्लामाबाद और वॉशिंगटन की अगली घोषणा पर टिकी हैं।