ईरान-अमेरिका युद्ध विराम: क्या पाकिस्तान बनेगा शांति का केंद्र? इस्लामाबाद में महाबैठक की तैयारी, ट्रंप ने रोके हमले

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India News Live,Digital Desk : पश्चिम एशिया (Midit East) में जारी भीषण संघर्ष के बीच एक बड़ी कूटनीतिक हलचल शुरू हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर सैन्य कार्रवाई को 5 दिनों के लिए रोकने के ऐलान के बाद अब खबरें आ रही हैं कि पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच एक ऐतिहासिक मध्यस्थता बैठक हो सकती है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस सप्ताह अमेरिका और ईरान के शीर्ष प्रतिनिधि एक मेज पर बैठ सकते हैं।

इस्लामाबाद में जुटेंगे दिग्गज: जेरेड कुशनर और जेडी वेंस की चर्चा

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस गुप्त वार्ता को सफल बनाने के लिए अमेरिका की ओर से बेहद प्रभावशाली नाम सामने आ रहे हैं:

अमेरिकी दल: उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर के इस बैठक में शामिल होने की उम्मीद है।

ईरानी पक्ष: ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची के संपर्क में होने की खबरें हैं।

इन तीन मुस्लिम देशों ने संभाली कमान

युद्ध को खत्म करने और दोनों महाशक्तियों को बातचीत की मेज पर लाने के लिए तीन प्रमुख मुस्लिम देश पर्दे के पीछे सक्रिय हैं:

पाकिस्तान: मेजबान की भूमिका निभा रहा है और संदेशों के आदान-प्रदान का मुख्य केंद्र है।

तुर्किये (Turkey): तुर्किये के विदेश मंत्री लगातार दोनों पक्षों के संपर्क में हैं।

मिस्र (Egypt): क्षेत्रीय स्थिरता के लिए मिस्र भी इस त्रिपक्षीय मध्यस्थता का हिस्सा है।

ट्रंप का 5 दिनों का 'अल्टीमेटम' और ईरान का इनकार

राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया और बयानों के जरिए दावा किया है कि ईरान ने खुद बातचीत के लिए संपर्क किया है।

ट्रंप का दावा: "बातचीत काफी मजबूत रही है और कई अहम बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है। हमने कूटनीति को मौका देने के लिए 5 दिनों तक हमले रोक दिए हैं।"

ईरान का पलटवार: हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन दावों को 'फेक न्यूज' करार दिया है। उनका कहना है कि पिछले 24 दिनों में अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं हुई है और ट्रंप केवल तेल बाजार को प्रभावित करने के लिए ऐसी बातें कर रहे हैं।

इजरायल की नजर और 'बदले' का क्लाइमैक्स

इस बीच, इजरायल भी इन गतिविधियों पर पैनी नजर रखे हुए है। इजरायली मीडिया के अनुसार, ट्रंप के इस दावे से तेल अवीव थोड़ा हैरान है कि बातचीत इतनी आगे बढ़ चुकी है। 'धुरंधर 2' जैसी फिल्मों और वास्तविक युद्ध के बीच का यह घटनाक्रम दुनिया के लिए किसी बड़े सस्पेंस से कम नहीं है। यदि इस्लामाबाद में यह बैठक सफल रहती है, तो यह वैश्विक अर्थव्यवस्था और शांति के लिए मील का पत्थर साबित होगी।