'बातचीत के लिए गिड़गिड़ा रहे हैं ट्रंप', रूसी समर्थन मिलते ही ईरानी विदेश मंत्री के बदले सुर; क्या टल जाएगा महायुद्ध

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India News Live,Digital Desk : पश्चिम एशिया में बारूद की गंध के बीच कूटनीति के मोर्चे पर एक बेहद चौंकाने वाला दावा सामने आया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से 'अभयदान' मिलने के बाद ईरान के तेवर अचानक तल्ख हो गए हैं। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मॉस्को में बड़ा दावा करते हुए कहा है कि दुनिया के सामने सख्त दिखने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब पर्दे के पीछे से बातचीत के लिए 'गिड़गिड़ा' रहे हैं।

पुतिन की थपकी और अराघची का अमेरिका पर तीखा हमला

सोमवार को सेंट पीटर्सबर्ग में राष्ट्रपति पुतिन और ईरानी दल के बीच हुई मुलाकात ने युद्ध की दिशा बदल दी है। पुतिन ने न केवल ईरान की बहादुरी की तारीफ की, बल्कि दो टूक कहा कि रूस, ईरान के हितों के लिए 'हर संभव' कदम उठाएगा। इस समर्थन से उत्साहित अराघची ने कहा कि ट्रंप प्रशासन बातचीत का अनुरोध इसलिए कर रहा है क्योंकि अमेरिका दबाव और प्रतिबंधों के बावजूद अपने सैन्य उद्देश्यों को हासिल करने में बुरी तरह विफल रहा है।

फोन पर बात करने का ऑफर और शांति के संकेत

ईरानी विदेश मंत्री ने भले ही कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया, लेकिन उन्होंने एक सकारात्मक संकेत भी दिया है। अराघची ने कहा कि तेहरान अमेरिकी अनुरोध पर विचार कर रहा है। बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने खुद ईरान को फोन पर सीधी बातचीत का प्रस्ताव दिया है। ट्रंप का यह रुख उनकी पुरानी 'मैक्सिमम प्रेशर' वाली नीति से अलग नजर आ रहा है, जिसे अराघची ने अमेरिका की मजबूरी करार दिया है।

पाकिस्तान से उखड़ा 'शांति का तंबू', अब फोन पर होगी जंग या दोस्ती?

शांति वार्ता को लेकर पाकिस्तान की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिकी वार्ताकार अब इस्लामाबाद नहीं जाएंगे। रविवार को ट्रंप के उस बयान ने सबको चौंका दिया जिसमें उन्होंने कहा कि दोनों देश फोन पर समाधान निकाल सकते हैं। इधर पाकिस्तान ने भी शांति वार्ता की उम्मीद में लगाई गई सुरक्षा चौकियों को हटा लिया है, जिससे साफ है कि आमने-सामने की मेज वाली बातचीत फिलहाल ठंडे बस्ते में चली गई है।

ईरान का नया 'शांति दांव' और समंदर में बढ़ा तनाव

ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए जो नया प्रस्ताव दिया है, उसमें 'होर्मुज जलडमरूमध्य' की नाकेबंदी हटाने की बात कही गई है। बदले में ईरान चाहता है कि अमेरिका उसके बंदरगाहों से घेराबंदी हटाए। हालांकि, बातचीत की इन खबरों के बीच समंदर में तनाव चरम पर है। अमेरिकी नौसेना ने क्षेत्र में तीन-तीन विमानवाहक पोत (USS अब्राहम लिंकन, गेराल्ड आर. फोर्ड और जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश) तैनात कर रखे हैं। करीब 15,000 सैनिक और 200 से अधिक लड़ाकू विमान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार खड़े हैं।