दक्षिण सूडान में भीषण विमान हादसा: उड़ान भरने के चंद मिनटों बाद यात्री विमान क्रैश, सभी 14 लोगों की दर्दनाक मौत

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India News Live,Digital Desk : दक्षिण सूडान से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। राजधानी जुबा से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एक यात्री विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भयावह हादसे में विमान में सवार सभी 14 लोगों की मौत हो गई है। देश के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (SSCAA) ने आधिकारिक तौर पर इस क्रैश और इसमें हुई जनहानि की पुष्टि कर दी है।

खराब मौसम बना काल, जलकर खाक हुआ विमान

शुरुआती जानकारी के अनुसार, विमान ने सोमवार सुबह करीब 7:15 बजे जुबा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अपनी यात्रा शुरू की थी। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; महज 20 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद विमान हादसे का शिकार हो गया। नागरिक उड्डयन अधिकारियों का मानना है कि इलाके में छाया घना कोहरा और खराब मौसम इस दुर्घटना की मुख्य वजह हो सकते हैं।

मदद पहुंचने से पहले सब खत्म: शवों की पहचान करना मुश्किल

हादसे की सूचना मिलते ही संयुक्त राष्ट्र (UN) की बचाव टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक सब कुछ खाक हो चुका था। बचाव दल के एक सदस्य ने बताया कि विमान गिरने के बाद उसमें भीषण आग लग गई थी। आग इतनी भयानक थी कि शव इस कदर जल गए हैं कि उनकी शिनाख्त करना भी लगभग असंभव हो गया है। मृतकों में 12 दक्षिण सूडानी और 2 केन्याई नागरिक शामिल बताए जा रहे हैं।

दक्षिण सूडान में क्यों बार-बार गिर रहे हैं विमान?

दक्षिण सूडान में हवाई सफर हमेशा जोखिम भरा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि देश में बुनियादी ढांचे की भारी कमी, विमानों का खराब रखरखाव और पायलटों के पास सटीक मौसम जानकारी न होना इन हादसों की बड़ी वजह है। अक्सर यहां विमानों में क्षमता से अधिक वजन लाद दिया जाता है, जो उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी का कारण बनता है।

खूनी रहा है विमानन इतिहास: पहले भी हुए बड़े हादसे

यह पहली बार नहीं है जब दक्षिण सूडान की धरती विमानों के मलबे से पटी है। इस ताजा हादसे ने पिछले जख्मों को फिर हरा कर दिया है:

जनवरी 2025: उत्तरी सूडान में हुए एक क्रैश में 20 लोगों ने जान गंवाई थी।

साल 2021: ईंधन ले जा रहा एक कार्गो प्लेन क्रैश हुआ, जिसमें 5 लोगों की मौत हुई।

साल 2015: जुबा में एंटोनोव विमान हादसे ने 36 लोगों की बलि ली थी।

बार-बार हो रहे इन हादसों ने दक्षिण सूडान की एयर सेफ्टी और विमानन सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, उड्डयन प्राधिकरण ने जांच टीम गठित कर दी है जो ब्लैक बॉक्स और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है।