ट्रंप की ईरान को दो टूक: 'एक मिनट में हो सकता है समझौता, लेकिन हमें टेम्परेरी डील मंजूर नहीं'
India News Live,Digital Desk : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी तनाव के बीच एक बड़ा बयान देकर दुनिया भर की हलचल बढ़ा दी है। ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि वह ईरान के साथ कूटनीतिक रास्ते बंद नहीं करना चाहते, लेकिन वह किसी भी ऐसी डील के पक्ष में नहीं हैं जो केवल दिखावे की या अस्थायी हो। ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में दो टूक कहा, "मैं चाहूँ तो समझौता एक मिनट में हो जाए, लेकिन हम स्थायी समाधान चाहते हैं, कोई अस्थायी व्यवस्था नहीं।"
होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव: ट्रंप ने दिया कड़ा आदेश
मिडल ईस्ट के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना को सख्त निर्देश दिए हैं कि समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने वाली किसी भी ईरानी नाव को तुरंत नष्ट कर दिया जाए। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, "बिना किसी झिझक के कार्रवाई करें। हमारे माइन-स्वीपर्स दोगुनी नहीं, बल्कि तीन गुना रफ्तार से जलडमरूमध्य को साफ करेंगे।" उन्होंने यह भी दावा किया कि समुद्र पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण है।
पाकिस्तान बना 'पीस मेकर', कूटनीतिक कोशिशें तेज
एक तरफ जहाँ युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं, वहीं पाकिस्तान दोनों देशों को एक बार फिर बातचीत की मेज पर लाने की कोशिशों में जुटा है। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने अमेरिकी उप राजदूत नताली बेकर के साथ इस्लामाबाद में एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य 'शांति वार्ता का दूसरा दौर' शुरू करना है। नकवी ने ट्रंप द्वारा युद्धविराम की अवधि बढ़ाने के फैसले का स्वागत करते हुए इसे एक सकारात्मक कदम बताया है।
ईरान में नेतृत्व का संकट? ट्रंप का तीखा हमला
ट्रंप ने केवल सैन्य ही नहीं, बल्कि ईरान के आंतरिक राजनीति पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि ईरान में कट्टरपंथियों और नरमपंथियों के बीच चल रही सत्ता की जंग ने देश को भ्रमित कर दिया है। ट्रंप ने कहा, "ईरान को समझ नहीं आ रहा कि उनका असली नेता कौन है, वे पूरी तरह कन्फ्यूज्ड हैं।" वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पलटवार करते हुए कहा कि इस अस्थिरता की असली जड़ अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले हैं। अराघची के अनुसार, ईरान केवल अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा की रक्षा कर रहा है।
नाकाबंदी जारी, पर शांति की उम्मीद बरकरार
भले ही ट्रंप ने युद्धविराम की अवधि बढ़ाई है ताकि ईरानी नेतृत्व एक 'एकीकृत प्रस्ताव' तैयार कर सके, लेकिन ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकाबंदी (Blockade) अभी भी जारी है। पेंटागन ने हाल ही में हिंद महासागर में जब्त किए गए एक तेल टैंकर का वीडियो फुटेज जारी कर अपनी सख्त मंशा जाहिर कर दी है। अब पूरी दुनिया की नजरें पाकिस्तान में होने वाली संभावित सप्ताहांत वार्ता पर टिकी हैं कि क्या कूटनीति युद्ध को टाल पाएगी या नहीं।