BREAKING:
August 20 2026 04:39 pm

सिद्धार्थनगर में दर्दनाक हादसा: टेंट का सामान लाद रहे युवक की करंट लगने से मौत, एक अन्य मजदूर झुलसा

Post

उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में अलग-अलग स्थानों पर हुए हादसों में बिजली का करंट लगने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से झुलस गया। इस घटना के बाद से दोनों परिवारों में कोहराम मचा हुआ है और स्थानीय प्रशासन पूरे मामले की जांच-पड़ताल कर रहा है।

ट्रैक्टर-ट्राली पर सामान लादते समय हुआ हादसा

मिली जानकारी के अनुसार, सिद्धार्थनगर जिले के इटवा थाना क्षेत्र अंतर्गत दर्शनिया गांव के रहने वाले 38 वर्षीय जिलाजीत यादव पुत्र परशुराम यादव टेंट लगाने का काम करते थे। करहिया गोसाई गांव में एक कार्यक्रम संपन्न होने के बाद बुधवार को वह ट्रैक्टर-ट्राली पर टेंट का सारा सामान लादकर वापस अपने घर लौट रहे थे।

इसी दौरान ट्रैक्टर-ट्राली पर रखा गया लोहे का एक पाइप ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन बिजली के तार के संपर्क में आ गया। तार छूते ही पाइप में तेज करंट उतर गया और जिलाजीत उसकी चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए। आसपास के लोगों ने आनन-फानन में उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) इटवा पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार मिश्र ने बताया कि हादसे में एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है और पुलिस नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्रवाई कर रही है।

जल जीवन मिशन के तहत काम कर रहा मजदूर भी झुलसा

जिले में हुई दूसरी घटना में, जल जीवन मिशन के अंतर्गत एक निर्माणाधीन भवन पर काम कर रहा एक अन्य मजदूर भी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से झुलस गया। त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के अहिरौली पड़री गांव निवासी 26 वर्षीय दिलीप विश्वकर्मा पुत्र राम अजोरे शीतल भीटा गांव में एक निर्माणाधीन भवन की छत पर सरिया काटने और बिछाने का काम कर रहा था।

गुरुवार को अचानक काम के दौरान सरिया ऊपर से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार से छू गई। करंट का तेज झटका लगने से दिलीप दूर जा गिरा। वहां मौजूद अन्य मजदूरों और ग्रामीणों ने चीख-पुकार सुनकर तुरंत उसे बिस्कोहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। गनीमत यह रही कि समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई और डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल उसकी स्थिति खतरे से बाहर और सामान्य बनी हुई है।