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July 16 2026 03:36 pm

आज सूर्य देव बदल रहे हैं अपनी चाल, कर्क संक्रांति पर इन राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें दान की सही वस्तुएं

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नई दिल्ली: आज, 16 जुलाई 2026 को देश भर में कर्क संक्रांति का पावन पर्व मनाया जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र में इस दिन का विशेष महत्व है क्योंकि आज सूर्य देव मिथुन राशि से निकलकर अपने मित्र ग्रह चंद्रमा की कर्क राशि में प्रवेश कर रहे हैं। सूर्य के इस गोचर के साथ ही आज से सूर्य देव दक्षिणायन हो गए हैं, जिसे देवताओं की रात्रि माना जाता है। कर्क संक्रांति के पुण्य काल में स्नान, ध्यान और दान करने से मनुष्य को जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।

कर्क संक्रांति पर इन 5 राशियों को मिलेगा बंपर लाभ

प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, सूर्य का कर्क राशि में गोचर कई राशियों के लिए भाग्य के द्वार खोलने वाला साबित होगा।

वृषभ, मिथुन, कर्क, कन्या और मकर राशि: इन 5 राशियों के जातकों के लिए आज से बेहद शुभ समय शुरू हो रहा है। आपके आत्मविश्वास में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी।

करियर और धन लाभ: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को बड़ी सफलता मिल सकती है। आपके द्वारा लिए गए सटीक फैसले धन लाभ कराएंगे और पैतृक संपत्ति से भी बड़ा फायदा मिलने के मजबूत योग बन रहे हैं। इस अवधि में सूर्य देव की नियमित उपासना आपके भाग्य को चार चांद लगाएगी।

इन 3 राशियों को रहना होगा बेहद सतर्क

सूर्य का यह राशि परिवर्तन कुछ राशियों के लिए मानसिक और व्यावहारिक चुनौतियां भी लेकर आ रहा है।

मेष, सिंह और कुंभ राशि: इन राशियों के जातकों को आने वाले समय में थोड़ा संभलकर रहने की सलाह दी गई है।

वाणी और फैसलों पर रखें नियंत्रण: इस दौरान मन में अज्ञात भय और विचारों का उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। कोई भी बड़ा निर्णय लेने में जल्दबाजी न करें, अन्यथा नुकसान हो सकता है। कार्यक्षेत्र में अधिकारियों या पिता के साथ वैचारिक मतभेद होने की आशंका है, इसलिए संयम से काम लें।

कर्क संक्रांति पूजा विधि और क्या करें दान?

दक्षिणायन के इस पहले दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध और तर्पण का विशेष विधान है। यदि आप किसी पवित्र नदी में स्नान करने नहीं जा पा रहे हैं, तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़े से काले तिल मिलाकर स्नान करें।

आज के दिन सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए पूजा में छत्र, ध्वजा (झंडा), पताका और चंवर अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके साथ ही, जरूरतमंदों को अपनी क्षमता के अनुसार अन्न (गेहूं, चावल) और वस्त्रों का दान अवश्य करें। ऐसा करने से सूर्य जनित दोष दूर होते हैं और आरोग्य की प्राप्ति होती है।