June 24 2026 11:26 pm

बंगाल नतीजों से पहले बैकफुट पर TMC: एग्जिट पोल, हाईकोर्ट और चुनाव आयोग से लगे 3 करारे झटके

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India News Live,Digital Desk : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम आने में अब 72 घंटे से भी कम का समय बचा है, लेकिन उससे पहले ही सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पिछले 24 घंटों के भीतर पार्टी को तीन अलग-अलग मोर्चों—एग्जिट पोल, न्यायपालिका और निर्वाचन आयोग—से बड़े झटके लगे हैं। इन झटकों ने 4 मई की मतगणना से पहले राज्य का सियासी पारा बढ़ा दिया है।

1. एग्जिट पोल का अनुमान: 7 में से 6 पोल में भाजपा को बढ़त

29 अप्रैल को दूसरे चरण का मतदान संपन्न होते ही आए एग्जिट पोल्स ने टीएमसी की चिंता बढ़ा दी है। कुल 7 प्रमुख एग्जिट पोल्स में से 6 ने राज्य में सत्ता परिवर्तन और भाजपा की सरकार बनने की भविष्यवाणी की है। हालांकि, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन आंकड़ों को सिरे से खारिज करते हुए इसे 'भाजपा का निर्देश' और कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराने की साजिश बताया है। उन्होंने दावा किया कि टीएमसी 226 से अधिक सीटें जीतकर सत्ता में वापसी करेगी।

2. हाईकोर्ट से डबल झटका: केंद्रीय पर्यवेक्षकों पर मुहर

कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को टीएमसी को दो बड़े कानूनी झटके दिए:

केंद्रीय कर्मियों की नियुक्ति: अदालत ने चुनाव आयोग के उस फैसले को सही ठहराया जिसमें मतगणना पर्यवेक्षक के रूप में राज्य के बजाय केंद्र सरकार और PSU के कर्मचारियों को नियुक्त करने का निर्देश दिया गया था। जस्टिस कृष्ण राव ने कहा कि निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए लिया गया यह फैसला पूरी तरह कानूनी है।

मतगणना केंद्र का बदलाव: कस्बा विधानसभा क्षेत्र से टीएमसी उम्मीदवार जावेद अहमद खान की उस याचिका को भी खारिज कर दिया गया, जिसमें मतगणना केंद्र बदलने के फैसले को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने आयोग के विशेषाधिकार को बरकरार रखा।

3. चुनाव आयोग (ECI) ने खारिज किए EVM में गड़बड़ी के आरोप

गुरुवार शाम को भवानीपुर और खुदीराम अनुशीलन केंद्र के बाहर टीएमसी नेताओं कुणाल घोष और शशि पांजा ने धरना दिया। उनका आरोप था कि स्ट्रांग रूम के भीतर बाहरी लोग मतपत्रों के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी खुद मौके पर पहुंचकर सवाल उठाए थे।

आयोग का जवाब: चुनाव आयोग ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए स्पष्ट किया कि सीसीटीवी फुटेज में दिख रही गतिविधि निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा थी, जिसके तहत डाक मतपत्रों (Postal Ballots) को अलग किया जा रहा था। आयोग ने जोर देकर कहा कि सभी स्ट्रांग रूम पूरी तरह सुरक्षित और सील हैं और राजनीतिक दलों को इसकी सूचना पहले ही दी जा चुकी थी।

नतीजों से पहले तनाव चरम पर

एग्जिट पोल के रुझान और कानूनी मोर्चों पर मिली हार के बाद टीएमसी अब जमीन पर आक्रामक नजर आ रही है। वहीं, भाजपा इन झटकों को 'परिवर्तन की आहट' बताकर उत्साहित है। 4 मई को जब मतपेटियां खुलेंगी, तभी साफ होगा कि ये झटके केवल मतगणना से पहले की बेचैनी थे या बंगाल की राजनीति में किसी बड़े उलटफेर का संकेत।