ओटीटी पर मौजूद ये थ्रिलर फिल्मों से अलग—एक हत्यारे की खोज जो आपको चौंका देगी
India News Live,Digital Desk : आजकल लोग फिल्मों के लिए सिनेमाघर जाने से ज्यादा ओटीटी देखना पसंद करते हैं। इतने अलग-अलग शोज़ और फिल्में उपलब्ध हैं कि जितना भी देख लें, कंटेंट खत्म ही नहीं होता। लेकिन रोमांस, कॉमेडी या हॉरर से हटकर अगर आप कुछ बिल्कुल अलग और दिमाग झकझोर देने वाला देखना चाहते हैं, तो एक साइको थ्रिलर फिल्म है जिसे मिस नहीं करना चाहिए।
यह फिल्म साल 2018 में रिलीज़ हुई थी और आज भी इसे टक्कर देना आसान नहीं है। विष्णु विशाल की इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर ऐसी पकड़ बनाई कि इसके रीमेक भी मूल कहानी की चमक फीकी नहीं कर पाए। तमिल फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने एक्टर विष्णु विशाल की पहचान तो कई फिल्मों से बनी, लेकिन असली लोकप्रियता उन्हें ‘रत्सासन’ से मिली।
फिल्म की कहानी क्या कहती है?
कहानी की शुरुआत दो बुज़ुर्गों से होती है, जिन्हें एक 15 साल की लड़की संयुक्ता की लाश मिलती है। उसकी हत्या बेहद क्रूर तरीके से की गई होती है। दूसरी तरफ अरुण कुमार नाम का एक महत्वाकांक्षी फिल्ममेकर, जो साइकोपैथ्स पर फिल्म बनाना चाहता था, परिस्थितियों के चलते पुलिस में सब-इंस्पेक्टर बन जाता है।
अरुण अपनी बहन कोकिला और उनके परिवार के साथ रहने लगता है। इसी बीच स्कूल में एक घटना के दौरान उसकी मुलाकात विजी नाम की टीचर और उनकी मूक-बधिर भतीजी कायल से होती है। जैसे-जैसे दोनों के बीच पहचान बढ़ती है, तभी एक और लड़की अमुधा के गायब होने का मामला सामने आता है। अरुण को इन दोनों मामलों में एक अजीब समानता मिलती है—एक डरावनी गुड़िया।
जांच आगे बढ़ती है और हर कदम पर मामला उलझता चला जाता है। कई बार अरुण किलर के इतने करीब पहुंच जाता है कि लगता है अब उसे पकड़ ही लेगा, लेकिन हत्यारा हर बार बच निकलता है। कहानी का हर मोड़ दर्शकों को अंत तक बांधे रखता है।
फिल्म के रीमेक भी बने
तमिल में बनी ‘रत्सासन’ का हिंदी रीमेक ‘कटपुतली’ नाम से आया, जिसमें अक्षय कुमार और रकुल प्रीत सिंह थे। तेलुगू में इसका रीमेक ‘रक्षासुडु’ नाम से रिलीज़ हुआ। हालांकि दोनों ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन ओरिजिनल फिल्म की पकड़ आज भी गहरी है।
साल 2018 में आई इस साइको थ्रिलर की IMDb रेटिंग 8.3 है। यह फिल्म जियो सिनेमा, हॉटस्टार और प्राइम वीडियो पर उपलब्ध है।