बस कंडक्टर से सुपरस्टार तक—IFFI में रजनीकांत को मिला सबसे बड़ा सम्मान

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India News Live,Digital Desk : गोवा में आयोजित 56वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया की क्लोज़िंग सेरेमनी इस बार एक खास वजह से सुर्खियों में रही। साउथ सुपरस्टार रजनीकांत ने अपनी मौजूदगी से पूरा माहौल जगमगा दिया। भारतीय सिनेमा में 50 साल पूरे करने के सम्मान में उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिया गया। 74 वर्षीय रजनीकांत इस मौके पर अपनी पत्नी लता और बेटियों ऐश्वर्या व सौंदर्या के साथ पहुंचे थे। जैसे ही वे स्टेज की ओर बढ़े, पूरा ऑडिटोरियम तालियों से गूंज उठा।

स्टेज पर भावुक हुए रजनीकांत

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने उन्हें एक खास शॉल और स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया। इस पल ने रजनीकांत को भावुक कर दिया। उन्होंने मंच से पूरे देश का आभार जताते हुए कहा कि उनकी सफलता का असली हकदार सिर्फ वे नहीं, बल्कि हर वह टेक्निशियन और क्रू मेंबर है, जिसने उनके साथ उनकी फिल्मों पर काम किया।

तमिल कम्युनिटी को दिया बड़ा श्रेय

अपने पांच दशक के लंबे करियर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि अभिनय के प्रति उनका जुनून कभी कम नहीं हुआ। उन्हें लगता है जैसे ये सफर 50 साल का नहीं, बल्कि सिर्फ 10 साल का रहा हो। उन्होंने दर्शकों के लिए खास प्रेम व्यक्त करते हुए कहा कि अगर उन्हें 100 जन्म भी मिलें, तब भी वे रजनीकांत और एक एक्टर के रूप में ही वापस आना चाहेंगे।
उन्होंने यह सम्मान तमिल समुदाय को समर्पित किया, जिसे उन्होंने अपनी "शक्ति" बताया—एक ऐसी ताकत, जिसने हमेशा हर मुश्किल में उनका साथ दिया।

आने वाली फिल्मों में फिर दिखेगी ‘थलाइवा’ की दमदार मौजूदगी

पचास साल का सफर पूरा होने के बावजूद रजनीकांत अपने नए प्रोजेक्ट्स को लेकर उतने ही सक्रिय हैं। उनकी अगली फिल्म जेलर 2 पहले से ही चर्चा में है। नेल्सन दिलीप कुमार फिल्म को डायरेक्ट कर रहे हैं और रजनीकांत एक बार फिर टाइगर मुथुवेल पांडियन के किरदार में दिखेंगे। इसमें राम्या कृष्णन भी उनके साथ नज़र आएंगी।

इसके अलावा उनकी एक और बड़ी फिल्म तैयार हो रही है, जिसे फिलहाल थलाइवर 173 कहा जा रहा है। खबर है कि इस फिल्म में उनके साथ कमल हासन भी दिखाई दे सकते हैं, जिससे दर्शकों में उत्सुकता और बढ़ गई है। उनके लगातार नए प्रोजेक्ट्स बताता है कि रजनीकांत की ऊर्जा और रचनात्मकता अभी भी पहले की तरह ही मजबूत है।

बस कंडक्टर से सुपरस्टार तक का सफर

रजनीकांत ने फिल्मों में आने से पहले बस कंडक्टर के रूप में काम किया था। उनकी कहानी हमेशा प्रेरणा देती है कि सपने कितनी भी मुश्किल क्यों न हों, मेहनत और विश्वास उन्हें हकीकत बना सकते हैं।
IFFI में मिला यह सम्मान सिर्फ उनकी उपलब्धियों का जश्न नहीं है, बल्कि उस कलाकार को सलाम है, जिसने कभी अपनी जड़ों को नहीं छोड़ा और हर बार खुद को बेहतर बनाने की कोशिश की।