होम लोन के लिए कितना क्रेडिट स्कोर है जरूरी? घर का सपना सच करने से पहले जान लें ये 5 जरूरी बातें

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India News Live,Digital Desk : अपना घर खरीदना हर किसी का सपना होता है, लेकिन आज के दौर में बिना 'होम लोन' के इसे पूरा करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण है। जब आप बैंक के पास लोन के लिए जाते हैं, तो वह सबसे पहले आपकी 'क्रेडिट हिस्ट्री' खंगालता है। एक अच्छा क्रेडिट स्कोर न केवल आपको आसानी से लोन दिलाता है, बल्कि ब्याज दरों में भी बड़ी बचत करा सकता है। आइए जानते हैं कि होम लोन के लिए आदर्श स्कोर क्या है और किन बातों का ध्यान रखना आपके लिए अनिवार्य है।

क्या होता है क्रेडिट स्कोर और क्यों है यह अहम?

क्रेडिट स्कोर 300 से 900 के बीच की एक संख्या होती है, जो आपके पिछले कर्ज चुकाने के व्यवहार को दर्शाती है। भारत में इसे मुख्य रूप से CIBIL स्कोर के नाम से जाना जाता है। इसे ट्रांसयूनियन CIBIL और एक्सपीरियन जैसी एजेंसियां तैयार करती हैं। आपका स्कोर जितना 900 के करीब होगा, बैंक आपको उतना ही 'भरोसेमंद' मानेगा।

होम लोन के लिए कितना स्कोर है 'परफेक्ट'?

आमतौर पर, होम लोन के लिए 700 या उससे अधिक का क्रेडिट स्कोर अच्छा माना जाता है। लेकिन अगर आप सबसे कम ब्याज दर (Lowest Interest Rates) और बेहतरीन ऑफर्स चाहते हैं, तो आपका स्कोर 750 या उससे अधिक होना चाहिए।

कम स्कोर का असर: यदि आपका स्कोर 650 से कम है, तो बैंक लोन देने से मना कर सकता है या फिर आपसे बहुत अधिक ब्याज दर वसूल सकता है।

आय और संपत्ति का मूल्यांकन भी है जरूरी

बैंक सिर्फ क्रेडिट स्कोर देखकर ही लोन नहीं बांटते। वे आपकी आय की स्थिरता (Stable Income), आपकी वर्तमान आयु, मौजूदा कर्ज (यदि कोई हो) और जिस प्रॉपर्टी को आप खरीद रहे हैं, उसकी कानूनी स्थिति और बाजार मूल्य की भी गहराई से जांच करते हैं।

लोन लेने से पहले इन 5 बातों की करें पड़ताल

ब्याज दर के अलावा अन्य खर्च: सिर्फ कम ब्याज दर देखकर प्रभावित न हों। लोन एग्रीमेंट साइन करने से पहले प्रोसेसिंग फीस, एडमिनिस्ट्रेटिव चार्ज, बीमा शुल्क और प्री-पेमेंट पेनल्टी जैसे छिपे हुए खर्चों (Hidden Charges) के बारे में विस्तार से पूछें।

EMI और अवधि का संतुलन: लोन की अवधि (Tenure) जितनी लंबी होगी, आपकी मासिक EMI उतनी ही कम होगी, लेकिन आपको कुल ब्याज कहीं ज्यादा चुकाना पड़ेगा। कोशिश करें कि अवधि ऐसी हो जिससे EMI आपके बजट पर भारी न पड़े।

डाउन पेमेंट की तैयारी: बैंक आमतौर पर प्रॉपर्टी की कीमत का 75% से 90% तक ही लोन देते हैं। बाकी की रकम (Down Payment) का इंतजाम आपको पहले से करके रखना चाहिए।

को-एप्लीकेंट का विकल्प: यदि आपका क्रेडिट स्कोर थोड़ा कम है या आपकी आय कम पड़ रही है, तो आप अपने जीवनसाथी या परिवार के किसी सदस्य को 'को-एप्लीकेंट' बना सकते हैं। इससे लोन मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

दस्तावेजों की जांच: सुनिश्चित करें कि आपके पास पिछले 3-6 महीने की सैलरी स्लिप, दो साल का आईटीआर (ITR) और बैंक स्टेटमेंट तैयार हैं।