SIP बंद करने की मची होड़: बाजार की गिरावट से घबराकर कहीं आप भी तो नहीं कर रहे यह गलती
India News Live,Digital Desk : भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ समय से जारी उतार-चढ़ाव ने निवेशकों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। म्यूचुअल फंड में निवेश का सबसे सुरक्षित और लोकप्रिय जरिया मानी जाने वाली एसआईपी (SIP - Systematic Investment Plan) को लेकर एक चौंकाने वाला रुझान सामने आया है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले 11 महीनों में पहली बार नए निवेश के मुकाबले एसआईपी बंद करने वालों की संख्या में तेजी आई है। लेकिन क्या भीड़ का हिस्सा बनकर निवेश रोकना आपके भविष्य के लिए सही है? आइए विस्तार से समझते हैं।
क्या कहते हैं ताजा आंकड़े?
एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले महीने लगभग 53.38 लाख एसआईपी या तो बंद कर दी गईं या वे मैच्योर (पूरी) हो गईं। इसके मुकाबले नए एसआईपी खातों की संख्या केवल 52.82 लाख रही। यह अंतर स्पष्ट करता है कि बाजार की अस्थिरता और पोर्टफोलियो में दिखने वाले लाल निशान (घाटे) ने निवेशकों के बीच बेचैनी पैदा कर दी है।
क्यों घबरा रहे हैं निवेशक?
बाजार में आई गिरावट के कारण कई फंड्स का एक से दो साल का रिटर्न नकारात्मक (Negative) हो गया है। जब निवेशक अपना मोबाइल ऐप खोलकर अपना जमा किया हुआ पैसा कम होता देखते हैं, तो वे घबराहट (Panic) में आकर अपना नुकसान रोकने के लिए एसआईपी बंद कर देते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यवहार लंबी अवधि के वित्तीय लक्ष्यों को भारी नुकसान पहुँचा सकता है।
बाजार की गिरावट में SIP बंद करना क्यों है 'घाटे का सौदा'?
म्यूचुअल फंड में निवेश का असली फायदा बाजार की गिरावट के समय ही मिलता है। इसे 'रुपी कॉस्ट एवरेजिंग' (Rupee Cost Averaging) कहते हैं। जब बाजार नीचे होता है, तो आपकी उसी किस्त (जैसे ₹5000) में आपको म्यूचुअल फंड की अधिक यूनिट्स मिलती हैं। जब बाजार वापस ऊपर जाता है, तो यही अतिरिक्त यूनिट्स आपके मुनाफे को कई गुना बढ़ा देती हैं। एसआईपी बंद करने का मतलब है कि आप बाजार में कम कीमत पर खरीदारी करने का सुनहरा मौका खो रहे हैं।
किन परिस्थितियों में SIP बंद करना सही है?
हालांकि, हर बार निवेश जारी रखना ही एकमात्र विकल्प नहीं होता। कुछ विशेष स्थितियों में आप इसे रोक सकते हैं:
वित्तीय संकट: यदि आपकी नौकरी चली गई है या घर में कोई गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है, तो आप इसे कुछ समय के लिए रोक (Pause) सकते हैं।
लक्ष्य की प्राप्ति: यदि आपने जिस लक्ष्य (जैसे घर खरीदना या बच्चे की पढ़ाई) के लिए निवेश शुरू किया था, वह पूरा हो गया है।
फंड का खराब प्रदर्शन: यदि आपका म्यूचुअल फंड लगातार 2-3 साल से अपने बेंचमार्क और अन्य प्रतिद्वंद्वी फंड्स से काफी कम रिटर्न दे रहा है, तो उस स्कीम को बदलकर बेहतर स्कीम में जाना सही है।