ईरान में महासंकट: सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लकवा! कोमा में होने की खबर से तेहरान में हड़कंप

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India News Live,Digital Desk : मध्य पूर्व के युद्ध के बीच ईरान से एक ऐसी खबर सामने आ रही है जो पूरे इस्लामिक गणराज्य की नींव हिला सकती है। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की हालत अत्यंत नाजुक है और उन्हें लकवा (Paralysis) मार गया है। वह वर्तमान में बेहोशी की हालत में कोम (Qom) शहर के एक अस्पताल में भर्ती बताए जा रहे हैं। यह सनसनीखेज दावा अमेरिका और इजरायली खुफिया एजेंसियों ने खाड़ी देशों को भेजे गए एक गोपनीय मेमो में किया है।

खुफिया मेमो का खुलासा: सोचने-समझने की शक्ति खो चुके हैं मोजतबा!

अमेरिकी और इजरायली इंटेलिजेंस द्वारा साझा किए गए मेमो में कहा गया है कि मोजतबा खामेनेई शारीरिक और मानसिक रूप से इस स्थिति में नहीं हैं कि वे युद्ध जैसे संवेदनशील समय में कोई निर्णय ले सकें। रिपोर्ट के मुताबिक:

शारीरिक स्थिति: उन्हें लकवा मार गया है और वे कोमा जैसी स्थिति में हैं।

लोकेशन: पहली बार उनकी सटीक लोकेशन का खुलासा हुआ है, वे पवित्र शहर कोम के एक हाई-सिक्योरिटी अस्पताल में हैं।

निर्णय क्षमता: वे पूरी तरह से दूसरों पर निर्भर हैं और शासन चलाने की स्थिति में नहीं हैं।

एयरस्ट्राइक में हुए थे घायल, तब से हैं गायब

बता दें कि जिस एयरस्ट्राइक में मोजतबा के पिता अली खामेनेई और परिवार के अन्य सदस्य मारे गए थे, उसी हमले में मोजतबा भी गंभीर रूप से घायल हुए थे। जब से उन्हें सुप्रीम लीडर घोषित किया गया है, वे एक बार भी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। हालांकि, एक दिन पहले उनके नाम से सोशल मीडिया पर मेजर जनरल मजीद खादमी की मौत पर शोक व्यक्त करने वाला एक बयान जारी किया गया था, जिसे अब मनोवैज्ञानिक युद्ध (Psychological Warfare) का हिस्सा माना जा रहा है।

कोम में बनाई जा रही है विशाल कब्रगाह!

खुफिया मेमो में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। कोम शहर में खामेनेई परिवार के लिए एक विशाल और भव्य कब्रगाह तैयार की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के साथ-साथ परिवार के अन्य सदस्यों और भविष्य में मोजतबा को भी यहीं दफनाने की योजना है। यह इस बात का संकेत है कि ईरान का शीर्ष नेतृत्व आने वाले बड़े बदलावों या दुखद अंत के लिए खुद को तैयार कर रहा है।

ट्रंप की '8 बजे वाली धमकी' और बढ़ता दबाव

ईरान के भीतर नेतृत्व का यह संकट ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को मंगलवार रात 8 बजे तक का अल्टीमेटम दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है:

"यदि तय समय सीमा के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने का समझौता नहीं होता है, तो अमेरिकी सेना ईरान के सभी महत्वपूर्ण पुलों और पावर प्लांट्स को मलबे में तब्दील कर देगी।"

मनोवैज्ञानिक युद्ध या हकीकत?

विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध के चरम पर ऐसी खबरें अक्सर दुश्मन देश का मनोबल तोड़ने के लिए फैलाई जाती हैं। ईरान ने अभी तक आधिकारिक तौर पर मोजतबा की बीमारी की खबरों की पुष्टि नहीं की है। लेकिन उनकी लंबी अनुपस्थिति और खुफिया एजेंसियों का पुख्ता दावा तेहरान की स्थिरता पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर रहा है। क्या ईरान ट्रंप की डेडलाइन से पहले कोई समझौता करेगा या बिना किसी सक्रिय नेतृत्व के एक विनाशकारी हमले का सामना करेगा? अगले कुछ घंटे निर्णायक होने वाले हैं।