रानी मुखर्जी के जन्म का वह हैरान कर देने वाला किस्सा: हॉस्पिटल में बदल गई थीं एक्ट्रेस

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India News Live,Digital Desk : बॉलीवुड की 'मर्दानी' रानी मुखर्जी ने अपने बेहतरीन अभिनय से दशकों तक दर्शकों के दिलों पर राज किया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उनके जीवन की शुरुआत ही एक फिल्मी कहानी जैसी रोमांचक थी? आज हम आपको उस घटना के बारे में बताने जा रहे हैं, जब जन्म के तुरंत बाद रानी मुखर्जी अपने माता-पिता से बिछड़ते-बिछड़ते रह गई थीं।

अस्पताल में हुई थी बड़ी गड़बड़ी

यह वाकया तब का है जब रानी मुखर्जी का जन्म हुआ था। अस्पताल के कर्मचारियों की एक छोटी सी चूक ने उनके माता-पिता, राम मुखर्जी और कृष्णा मुखर्जी को घबराहट में डाल दिया था। गलती से रानी को किसी और परिवार (पंजाबी फैमिली) के कमरे में भेज दिया गया था और वहां का बच्चा रानी की मां के पास आ गया था।

मां की ममता ने ऐसे पहचाना अपनी बेटी

रानी मुखर्जी ने खुद सिमी ग्रेवाल के साथ एक इंटरव्यू में इस दिलचस्प किस्से का खुलासा किया था। एक्ट्रेस ने बताया कि जब नर्स ने दूसरा बच्चा उनकी मां को सौंपा, तो उन्हें तुरंत एहसास हो गया कि यह उनकी बेटी नहीं है। कृष्णा मुखर्जी ने अपनी ममता और सूझबूझ से उस बच्चे को लेने से साफ इनकार कर दिया था।

रानी ने बताया, "मेरी मां ने चिल्लाना शुरू कर दिया था कि यह मेरा बच्चा नहीं है। उन्होंने अपनी बेटी को उसकी आंखों के रंग से पहचाना था। मेरी मां ने कहा कि इस बच्चे की आंखें भूरी नहीं हैं, जो कि मेरी पहचान थी।" इसके बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया और आखिरकार तलाश करने पर रानी अपनी असली मां तक पहुंच सकीं।

एक शानदार फिल्मी सफर की शुरुआत

रानी मुखर्जी ने अपने करियर की शुरुआत साल 1996 में बंगाली फिल्म 'बियेर फूल' से की थी, लेकिन उन्हें असली पहचान 'राजा की आएगी बारात' और उसके बाद आमिर खान के साथ 'गुलाम' से मिली। 'कुछ कुछ होता है', 'साथिया', 'वीर-जारा', 'मर्दानी' और 'मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे' जैसी फिल्मों में रानी ने साबित किया कि वे इंडस्ट्री की सबसे बेहतरीन अभिनेत्रियों में से एक हैं। आज भी उनके फैंस इस बात को जानकर हैरान रह जाते हैं कि अगर उस दिन उनकी मां ने अपनी बेटी को न पहचाना होता, तो शायद बॉलीवुड की यह सुपरस्टार किसी और ही परिवार का हिस्सा होती।