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June 30 2026 03:22 am

यूपी में खत्म हुआ भीषण गर्मी का सितम, अगले 24 घंटे में मानसून की धमाकेदार एंट्री, लखनऊ समेत 40 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

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उत्तर प्रदेश के निवासियों के लिए चिलचिलाती धूप और उमस भरी भीषण गर्मी से राहत की बेहद सुखद खबर आ रही है। प्रदेश में पिछले दो दिनों से हो रही छिटपुट प्री-मानसून बारिश इस बात का साफ संकेत है कि मानसूनी झमाझम अब ज्यादा दूर नहीं है। आंचलिक मौसम विज्ञान विभाग ने आधिकारिक पुष्टि कर दी है कि उत्तर प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले 24 से 48 घंटों के भीतर कभी भी धमाकेदार एंट्री ले सकता है। इस बीच, राजधानी लखनऊ में सोमवार को हल्की फुहारें पड़ीं, जबकि बहराइच के कतर्नियाघाट में रिकॉर्ड 104.6 मिलीमीटर मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने मंगलवार को लखनऊ में तेज आंधी और भारी बारिश का 'यलो अलर्ट' (Yellow Alert) जारी किया है।

अनुकूल मौसमी परिस्थितियों से तेजी से बढ़ रहा मानसून

अमौसी स्थित यूपी-उत्तराखंड के आंचलिक मौसम विज्ञान मुख्यालय के मुताबिक, समूचे उत्तर प्रदेश को भिगोने के लिए मानसूनी हवाएं पूरी तरह सक्रिय हो चुकी हैं। प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) के प्रवेश करने और इसके तेजी से आगे बढ़ने के लिए वायुमंडलीय परिस्थितियां अत्यंत अनुकूल बन चुकी हैं। मानसून के आगमन से ठीक पहले ही राज्य के अधिकांश हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं, जिसके चलते बादलों की लगातार आवाजाही और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में भारी गिरावट का दौर शुरू हो गया है।

तापमान में आएगी 8 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून के उत्तर प्रदेश में तेजी से आगे बढ़ने की प्रबल संभावनाओं के बीच प्रादेशिक वर्षा में लगातार वृद्धि देखी जाएगी। अनुमान लगाया गया है कि अगले तीन से चार दिनों के भीतर पूरे प्रदेश के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस की भारी और उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से पूरी तरह निजात मिल जाएगी।

एक साथ एक्टिव हुए तीन शक्तिशाली वेदर सिस्टम

मौसम विभाग के विश्लेषण के मुताबिक, वर्तमान में मानसून की उत्तरी शाखा गुजरात के सूरत और मध्य प्रदेश के इंदौर व मांडला से आगे बढ़ रही है। वहीं, इसकी पूर्वी शाखा झारखंड के डाल्टनगंज और बिहार के मोतिहारी से होते हुए यूपी की सीमा की तरफ बढ़ रही है। इस समय उत्तर प्रदेश के वायुमंडल में एक साथ तीन मजबूत वेदर सिस्टम (Weather Systems) सक्रिय हैं, जो मानसून को तेजी से अपनी तरफ खींच रहे हैं:

मानसून ट्रफ: मध्य समुद्र तल पर बनी एक मौसमी द्रोणी पंजाब से हरियाणा और उत्तर प्रदेश होते हुए सीधे बिहार तक जा रही है।

पूर्वी-पश्चिमी द्रोणी: निम्न क्षोभमंडल में यह द्रोणी पूर्वी उत्तर प्रदेश से बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम होते हुए मणिपुर तक फैली है।

चक्रवाती परिसंचरण: उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक मजबूत साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है, जो बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं को भारी बारिश में तब्दील कर रहा है।

गोरखपुर-देवरिया समेत इन जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश के देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, बलरामपुर और उसके आसपास के इलाकों में मूसलाधार बारिश होने की तीव्र संभावना जताई है। इन जिलों के स्थानीय प्रशासन को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट रहने को कहा गया है। इसके अलावा लखनऊ और कानपुर समेत सूबे के 40 बड़े जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है।

बिहार की सीमा पर अटकी मानसूनी हवाएं आज लेंगी एंट्री

मौसम विज्ञानियों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिमी मानसून पश्चिम बिहार होते हुए पूर्वी यूपी के रास्ते प्रदेश में प्रवेश करने वाला है। हालांकि, उत्तर प्रदेश की सीमा के नजदीक आकर मानसून की गति थोड़ी धीमी जरूर हुई है और पिछले दो दिनों से मानसूनी हवाएं बिहार से सटे सीमावर्ती जिलों में थमी हुई थीं, लेकिन आज अनुकूल दबाव के कारण ये हवाएं यूपी की सीमा में प्रवेश कर जाएंगी। सोमवार सुबह से ही पूर्वी यूपी में घने काले बादलों ने डेरा डाल दिया और तेज गरज-चमक के साथ सुबह 8:30 बजे तक करीब 15.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस दौरान 36 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली पछुआ हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान गिरकर 23.9 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है।