ठाकरे बंधुओं की मुलाकात ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल, बीएमसी चुनाव में गठबंधन की उम्मीदें
India News Live,Digital Desk : महाराष्ट्र की राजनीति में ठाकरे बंधुओं की मुलाकात एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। बुधवार (10 सितंबर) को शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) प्रमुख उद्धव ठाकरे अपने चचेरे भाई और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे से मिलने उनके आवास 'शिवतीर्थ' पहुँचे। यह मुलाकात करीब दो घंटे तक चली। इस मुलाकात ने दोनों भाइयों के बीच राजनीतिक गठबंधन की संभावनाओं को बल दिया है, खासकर बीएमसी समेत महाराष्ट्र में होने वाले आगामी नगर निगम चुनावों के मद्देनजर।
महत्वपूर्ण बैठक और राजनीतिक गहमागहमी
उद्धव ठाकरे अपने करीबी सहयोगी संजय राउत और अनिल परब के साथ राज ठाकरे से मिलने गए थे। पिछले दो हफ़्तों में यह उनकी दूसरी मुलाक़ात है, क्योंकि पिछले हफ़्ते उद्धव गणेश उत्सव के लिए राज के घर गए थे। इसके अलावा, 5 जुलाई 2025 को दोनों भाइयों ने सालों बाद एक ही मंच साझा किया था। इन घटनाओं ने राजनीतिक गलियारों में इस बात की अटकलों को हवा दे दी थी कि दोनों भाई फिर से एक हो सकते हैं। कांग्रेस नेताओं ने भी हाल ही में उद्धव ठाकरे के साथ हुई एक मुलाक़ात में राज ठाकरे के गठबंधन पर सवाल उठाए थे, जो इस मुलाक़ात की अहमियत को और बढ़ा देता है।
बीएमसी चुनाव और दशहरा के संकेत
यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब महाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव नज़दीक आ रहे हैं। देश की सबसे अमीर नगर निगम, बीएमसी, पर इस समय उद्धव ठाकरे का कब्ज़ा है और वह इस पकड़ को बरकरार रखना चाहते हैं। इसके लिए राज ठाकरे के साथ गठबंधन अहम साबित हो सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, ठाकरे बंधुओं के बीच गठबंधन की तस्वीर आगामी दशहरा के दिन साफ हो जाएगी। बाबासाहेब ठाकरे की परंपरा के अनुसार, उद्धव ठाकरे शिवाजी पार्क में वार्षिक दशहरा रैली का आयोजन कर रहे हैं, जहाँ इस राजनीतिक गठबंधन को लेकर कोई बड़ा ऐलान होने की संभावना है। हालाँकि, दोनों भाइयों ने हाल ही में बेस्ट एम्प्लॉइज को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड के चुनाव में 21 सीटों पर मिलकर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन उन्हें सभी सीटों पर हार का सामना करना पड़ा, जो भविष्य की चुनौतियों का संकेत देता है।