June 25 2026 11:31 pm

'संविधान की प्रति लेकर आंख में धूल झोंक रहे कांग्रेस के युवराज': आपातकाल की 51वीं बरसी पर राहुल गांधी पर बरसे सीएम योगी

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपातकाल (Emergency) की 51वीं बरसी के मौके पर कांग्रेस और उसके शीर्ष नेता राहुल गांधी पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। लखनऊ में आयोजित 'लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह' को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने 25 जून 1975 के दौर को याद किया और इसे 'संविधान हत्या दिवस' के रूप में परिभाषित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन्होंने खुद लोकतंत्र का गला घोंटा, आज उनके 'युवराज' हाथ में संविधान की कॉपी लेकर देश की जनता को गुमराह कर रहे हैं।

'रात के अंधेरे में बदली गई थी संविधान की प्रस्तावना'

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपातकाल के काले दौर का जिक्र करते हुए कांग्रेस के दोहरे चरित्र को उजागर किया। उन्होंने कहा:

"आपातकाल के दौरान सिर्फ नेताओं को जेल में नहीं डाला गया, बल्कि न्यायपालिका के पर कतर दिए गए और मीडिया पर पूरी तरह सेंसरशिप लगा दी गई। हद तो तब हो गई जब रात के अंधेरे में भारत के संविधान की प्रस्तावना (Preamble) तक को बदल दिया गया। आज उसी कांग्रेस के युवराज संविधान की प्रति लेकर घूम रहे हैं और देशवासियों की आंख में धूल झोंकने का प्रयास कर रहे हैं।"

सीएम योगी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को इस राजनीतिक पाखंड और इतिहास के इस काले पन्ने के बारे में पूरी जानकारी होना बेहद जरूरी है।

मुलायम सिंह की विरासत डुबो रहे हैं उनके उत्तराधिकारी

बिना नाम लिए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की पीढ़ी अपने पिताओं के संघर्षों और कांग्रेस के जुल्मों को भूल चुकी है। उन्होंने याद दिलाया कि स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव और लालू प्रसाद यादव ने आपातकाल के दौरान कांग्रेस के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी और जेल गए।

मुलायम सिंह यादव हमेशा कांग्रेस के साथ किसी भी गठबंधन के सख्त खिलाफ रहते थे और कहते थे कि कुछ भी हो जाए, कांग्रेस के साथ नहीं जाना है। लेकिन आज उनके उत्तराधिकारी अपनी विरासत को भूलकर कांग्रेस के डूबते जहाज पर सवार हो चुके हैं। ये लोग परिवारवाद की राजनीति को चमकाने के लिए लोकतंत्र को कमजोर करने का काम कर रहे हैं।

'भारत सिर्फ बड़ा नहीं, सबसे प्राचीन लोकतंत्र भी है'

जी-20 शिखर सम्मेलन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक मंच पर यह सिद्ध किया है कि भारत न केवल दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, बल्कि यह लोकतंत्र की जननी (Mother of Democracy) भी है। उन्होंने कहा कि जब दुनिया लोकतंत्र का मतलब भी नहीं समझती थी, तब भारत के गांवों में लोकतांत्रिक व्यवस्थाएं काम कर रही थीं। लोकतंत्र हमारे देश के डीएनए में बसा हुआ है।

कल्याणकारी योजनाएं ही पुष्ट लोकतंत्र की पहचान

सीएम योगी ने देश के विकास कार्यों का ब्योरा देते हुए कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक बिना भेदभाव के लाभ पहुंचाना ही असली लोकतंत्र है। उन्होंने मोदी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए आंकड़े पेश किए:

4 करोड़ गरीबों को पक्के आवास दिए गए।

12 करोड़ परिवारों के घरों में शौचालय का निर्माण कराया गया।

10 करोड़ महिलाओं को मुफ्त रसोई गैस (उज्ज्वला) कनेक्शन मिले।

80 करोड़ नागरिकों को लगातार मुफ्त राशन की सुविधा दी जा रही है।

50 करोड़ से अधिक लोगों को आयुष्मान भारत के तहत मुफ्त इलाज मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि एक तरफ जहां पीएम मोदी के नेतृत्व में देश का लोकतंत्र मजबूत और पुष्ट हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ अपने निजी स्वार्थों के लिए देश को आपातकाल की आग में झोंकने वाली कांग्रेस आज भी वैसे ही प्रयास कर रही है। देश की जनता को ऐसे तत्वों से बेहद सजग रहने की जरूरत है।