शनि की उल्टी चाल से बढ़ेंगी चुनौतियां? जानिए किस राशि पर क्या पड़ेगा असर और बचने के आसान उपाय!

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ज्योतिष की दुनिया में शनिदेव का अपनी चाल बदलना, यानी वक्री होना, एक बड़ी घटना मानी जाती है। अक्सर इसे लेकर थोड़ी चिंता ज़रूर होती है, क्योंकि शनि को कर्मफल दाता कहा जाता है और इनकी वक्री चाल कई बार चीज़ों को थोड़ा धीमा या मुश्किल बना देती है।

अभी शनिदेव कुंभ राशि में ही विराजमान हैं। लेकिन 29 जून, 2024 से लेकर 15 नवंबर, 2024 तक, लगभग 139 दिनों के लिए, ये अपनी उल्टी चाल यानी वक्री गति में आ जाएंगे। तो सोचिए ज़रा, जब इतनी लंबी अवधि तक कोई ग्रह अपनी उल्टी चाल चले, तो उसका असर तो दिखेगा ही।

शनि का वक्री होना मतलब क्या है, और इससे आपको क्या महसूस हो सकता है?
शनि का वक्री होना मतलब ये नहीं कि शनि ग्रह सचमुच उल्टी दिशा में चलने लगता है, बल्कि ये पृथ्वी से देखने पर ऐसा लगता है। जब शनि वक्री होते हैं, तो वे अपनी ऊर्जा और परिणामों को दोबारा चेक कर रहे होते हैं। इससे आपको कुछ ऐसी चीज़ें महसूस हो सकती हैं:

आइए जानते हैं इस दौरान किस राशि पर क्या असर पड़ सकता है (अपनी राशि के हिसाब से थोड़ा ध्यान दीजिएगा):

अब घबराने की बात नहीं! हर समस्या का समाधान होता है। इस दौरान आपको ये उपाय मदद कर सकते हैं:

याद रखिए, शनिदेव आपको सज़ा नहीं देते, बल्कि आपके कर्मों के अनुसार फल देते हैं और आपको सही राह दिखाते हैं। इन उपायों और अपनी सकारात्मक सोच से आप इस अवधि को भी आसानी से पार कर सकते हैं!

 

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