'पर्दे पर खूंखार, असल में जेंटलमैन...' तारा सुतारिया ने खोला सुपरस्टार यश की असल जिंदगी का राज

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'केजीएफ' (KGF) फ्रैंचाइजी की ऐतिहासिक और अप्रत्याशित सफलता के बाद 'रॉकिंग स्टार' यश आज न केवल दक्षिण भारतीय सिनेमा, बल्कि पूरे देश के सबसे चहेते और प्रभावशाली पैन-इंडिया सुपरस्टार्स की पहली कतार में गिने जाते हैं। पर्दे पर उनकी दमदार आवाज, रौबदार चाल, सिगार का कश और दुश्मनों को धूल चटाने वाला आक्रामक अंदाज हर किसी के रोंगटे खड़े कर देता है। लेकिन क्या पर्दे पर इतने खूंखार और लार्जर-दैन-लाइफ दिखने वाले 'रॉकी भाई' असल जिंदगी में भी वैसे ही हैं? इस सवाल का बेहद खूबसूरत और दिल छू लेने वाला जवाब दिया है बॉलीवुड की ग्लैमरस और प्रतिभाशाली अभिनेत्री तारा सुतारिया ने।

तारा सुतारिया ने एक हालिया साक्षात्कार में सुपरस्टार यश के साथ अपने अनुभव और उनकी ऑफ-स्क्रीन पर्सनैलिटी पर खुलकर बात की है। तारा ने यश के वास्तविक स्वभाव की परतों को खोलते हुए बताया कि वे जितने बड़े स्टार हैं, असल जिंदगी में वे उतने ही सरल, जमीन से जुड़े और दूसरों का आदर करने वाले इंसान हैं।

पर्दे पर खूंखार 'रॉकी भाई' और असल जिंदगी में बेहद शालीन जेंटलमैन

सिनेमाई पर्दे पर यश की छवि एक ऐसे निडर और एंग्री यंग मैन की रही है जो अपनी शर्तों पर दुनिया चलाता है। 'केजीएफ चैप्टर 1' और 'केजीएफ चैप्टर 2' में उनके किरदार ने पूरे देश के युवाओं को दीवाना बना दिया था। लेकिन तारा सुतारिया के अनुसार, कैमरे के पीछे यश का व्यक्तित्व पूरी तरह अलग और बेहद सुकून देने वाला है।

तारा ने बताया कि जब आप यश से पहली बार मिलते हैं, तो आपको यह अहसास ही नहीं होता कि आप उस शख्स के सामने खड़े हैं जिसकी एक झलक पाने के लिए लाखों की भीड़ उमड़ पड़ती है। उनके अंदर किसी तरह का कोई स्टारडम का घमंड या बनावटीपन नहीं है। वे बहुत ही शांति, शालीनता और गर्मजोशी के साथ हर किसी का स्वागत करते हैं। उनका यह सहज अंदाज सामने वाले व्यक्ति के मन से हर तरह की हिचकिचाहट और घबराहट को एक पल में खत्म कर देता है।

'वह हमेशा दूसरों के कम्फर्ट का ध्यान रखते हैं': तारा सुतारिया ने साझा किया किस्सा

तारा सुतारिया ने यश की कार्यप्रणाली और उनके इंसानी पहलुओं की दिल खोलकर तारीफ की। तारा ने कहा कि किसी बड़े अभिनेता के साथ काम करते समय या बातचीत करते समय अक्सर नए कलाकारों को दबाव महसूस होता है, लेकिन यश के साथ ऐसा बिल्कुल नहीं होता।

तारा ने अपने अनुभव को बयां करते हुए कहा, "यश की सबसे बड़ी और खूबसूरत बात यह है कि वह हमेशा सेट पर या अपने आसपास मौजूद दूसरे लोगों के कम्फर्ट (सहूलियत) और सम्मान का सबसे पहले ध्यान रखते हैं। जब आप उनके साथ किसी सीन या प्रोजेक्ट पर चर्चा कर रहे होते हैं, तो वे आपकी बात को पूरे ध्यान और गंभीरता से सुनते हैं। वे कभी भी अपने स्टारडम को आपके ऊपर हावी नहीं होने देते। चाहे कोई छोटा स्पॉटबॉय हो, नया कलाकार हो या कोई बड़ा निर्देशक, यश हर किसी को बराबर का मान-सम्मान देते हैं। वह इस बात का खास ख्याल रखते हैं कि उनके साथ काम करने वाली महिला सह-कलाकार पूरी तरह सुरक्षित और सहज महसूस करे। उनका यह संवेदनशील व्यवहार उन्हें सिर्फ एक महान अभिनेता नहीं, बल्कि एक सच्चा जेंटलमैन बनाता है।"

साउथ और नॉर्थ सिनेमा के कलाकारों का अनोखा तालमेल

तारा सुतारिया का यह बयान इस बात को भी रेखांकित करता है कि आज भारतीय सिनेमा में उत्तर और दक्षिण के बीच की भौगोलिक और भाषाई दूरियां पूरी तरह मिट चुकी हैं। अब हिंदी सिनेमा की अभिनेत्रियां और दक्षिण के दिग्गज सितारे एक साथ आकर बड़े पैमाने पर पैन-इंडिया सिनेमा का निर्माण कर रहे हैं।

तारा ने कहा कि दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग में कलाकारों का जो अनुशासन, काम के प्रति निष्ठा और अपनी संस्कृति से जुड़ाव देखने को मिलता है, वह वाकई प्रेरणादायक है। यश जैसे अभिनेता जब अपनी जड़ों को याद रखते हुए वैश्विक स्तर का काम करते हैं, तो उनसे पूरी इंडस्ट्री को बहुत कुछ सीखने को मिलता है। सेट पर हर शॉट से पहले की जाने वाली तैयारी, कहानी पर की जाने वाली गहन चर्चा और क्रू मेंबर्स के साथ परिवार जैसा माहौल बनाना ही यश की फिल्मों को इतना भव्य और सफल बनाता है।

सादगी की मिसाल: बस ड्राइवर के बेटे से वैश्विक सुपरस्टार तक का सफर

यश का यह विनम्र और संवेदनशील स्वभाव उनकी परवरिश और उनके कड़े संघर्ष के दिनों से जुड़ा हुआ है। कर्नाटक के एक छोटे से कस्बे में जन्मे यश के पिता सरकारी बस ड्राइवर थे। यश ने बिना किसी फिल्मी पृष्ठभूमि और बिना किसी गॉडफादर के कन्नड़ टेलीविजन सीरियलों और बैकस्टेज थिएटर से अपने अभिनय के सफर की शुरुआत की थी।

यही वजह है कि जब आज यश के पास अपार दौलत, वैश्विक शोहरत और करोड़ों फैंस का प्यार है, तब भी वे अपने बीते हुए दिनों और अपनी जड़ों को नहीं भूले हैं। उन्होंने कई मंचों पर गर्व से कहा है कि उनके पिता की ईमानदारी और जमीन से जुड़े संस्कारों ने ही उन्हें यह सिखाया है कि इंसान की असली दौलत उसका अच्छा व्यवहार और दूसरों के प्रति उसका आदर भाव होता है। तारा सुतारिया ने भी इसी बात का जिक्र करते हुए कहा कि यश की यही सादगी उन्हें आज देश के सबसे चहेते सुपरस्टार्स में सबसे अलग खड़ा करती है।

सह-कलाकारों के लिए सुरक्षा कवच और प्रेरणास्रोत बनते हैं यश

तारा सुतारिया अकेली ऐसी अभिनेत्री नहीं हैं जिन्होंने यश के इस व्यवहार की प्रशंसा की हो। इससे पहले 'केजीएफ 2' में प्रधानमंत्री रमिका सेन का किरदार निभाने वाली दिग्गज अभिनेत्री रवीना टंडन, अभिनेत्री श्रीनिधि शेट्टी और आगामी फिल्म 'टॉक्सिक' में उनके साथ काम कर रहीं अन्य अभिनेत्रियों ने भी हमेशा यश के इस व्यवहार की सराहना की है।

फिल्म इंडस्ट्री के लोगों का मानना है कि यश उन चुनिंदा कलाकारों में से हैं जो अपने सीन को बेहतर बनाने के साथ-साथ अपने सामने खड़े साथी कलाकार को भी पूरा स्पेस और चमकने का मौका देते हैं। वे कभी भी सीन को 'हाइजैक' करने की कोशिश नहीं करते, बल्कि पूरी टीम को साथ लेकर चलते हैं। यही कारण है कि निर्देशक और तकनीशियन भी उनके साथ काम करने के लिए हमेशा उत्सुक रहते हैं।

तारा सुतारिया का फिल्मी सफर और नए प्रोजेक्ट्स

डिज्नी के शोज से बाल कलाकार के रूप में शुरुआत करने वाली तारा सुतारिया ने 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2', 'मरजावां', 'तड़प' और 'अपूर्वा' जैसी फिल्मों में अपनी बहुमुखी प्रतिभा साबित की है। विशेष रूप से थ्रिलर फिल्म 'अपूर्वा' में उनके इंटेंस और दमदार अभिनय ने आलोचकों को चौंका दिया था।

तारा अब केवल ग्लैमरस किरदारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे ऐसे प्रोजेक्ट्स का चयन कर रही हैं जहां उनके अभिनय के नए रंग देखने को मिलें। बड़े पैन-इंडिया प्रोजेक्ट्स और बेहतरीन कलाकारों के साथ उनका जुड़ना उनके करियर को एक नई दिशा में आगे ले जा रहा है। तारा का मानना है कि जब आप यश जैसे दूरदर्शी और प्रतिभाशाली कलाकारों के साथ स्क्रीन या बातचीत साझा करते हैं, तो आपकी अपनी कलात्मक सोच में भी परिपक्वता आती है।

तारा सुतारिया द्वारा यश के इस वास्तविक और अनदेखे पहलू को दुनिया के सामने लाना यह साबित करता है कि असली स्टारडम केवल बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों और सोशल मीडिया फॉलोअर्स से तय नहीं होता, बल्कि वह इस बात से तय होता है कि आप एक इंसान के रूप में दूसरों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं। कैमरे की चकाचौंध से दूर यश की यह विनम्रता और सहृदयता ही उन्हें करोड़ों दिलों का सच्चा 'रॉकिंग स्टार' बनाती है।