BREAKING:
May 05 2026 04:20 pm

Tulsi Astro Tips: घर में सुख-समृद्धि के लिए तुलसी से जुड़े इन नियमों का रखें खास ख्याल

Post

India News Live, Digital Desk: सनातन धर्म में तुलसी के पौधे को केवल एक पौधा नहीं, बल्कि साक्षात देवी का रूप माना जाता है। मान्यता है कि जिस घर में प्रतिदिन सुबह-शाम तुलसी की सेवा और पूजा होती है, वहां मां लक्ष्मी का वास होता है और भगवान विष्णु की असीम कृपा बनी रहती है। औषधीय गुणों से भरपूर तुलसी आस्था का भी सबसे बड़ा केंद्र है। हालांकि, तुलसी के पौधे से जुड़े कुछ कड़े नियम भी हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य है। अगर आप भी घर में तुलसी रखते हैं, तो पत्ते तोड़ने से लेकर नया पौधा लगाने तक के इन नियमों को जरूर जान लें।

तुलसी के पत्ते तोड़ने का सही तरीका और मंत्र

शास्त्रों के अनुसार, तुलसी के पत्ते तोड़ते समय कभी भी नाखून का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। पत्तों को हमेशा उंगलियों के पोरों की मदद से कोमलता से तोड़ें। पत्ता तोड़ने से पहले माता तुलसी को प्रणाम करें और अनुमति मांगते हुए इस मंत्र का जाप करें:

मंत्र: महाप्रसाद जननी सर्व सौभाग्यवर्धिनी, आधि व्याधि हरा नित्यं तुलसी त्वं नमोस्तुते। मातस्तुलसि गोविन्द हृदयानन्द कारिणी नारायणस्य पूजार्थं चिनोमि त्वां नमोस्तुते॥

सुबह-शाम दीपक जलाने के लाभ

तुलसी के पौधे के पास नियमित रूप से सुबह और शाम दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। शाम के समय घी या तेल का दीया जलाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और सकारात्मकता का संचार होता है। इससे दरिद्रता दूर होती है और धन के आगमन के मार्ग खुलते हैं।

अगर तुलसी का पौधा सूख जाए तो क्या करें?

अक्सर लोग अनजाने में सूखी हुई तुलसी को कूड़े में या इधर-उधर फेंक देते हैं, जो कि भारी दोष माना जाता है। यदि तुलसी का पौधा सूख गया है, तो उसे सम्मानपूर्वक किसी पवित्र नदी या बहते जल में प्रवाहित कर दें। यदि यह संभव न हो, तो उसे गमले की मिट्टी में ही गहरा दबा दें। सूखे पत्तों को भी इधर-उधर न फेंकें, उन्हें भी मिट्टी में ही डाल दें।

नया पौधा लगाने का सबसे शुभ दिन

वास्तु और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, घर में नया तुलसी का पौधा लगाने के लिए गुरुवार का दिन सर्वश्रेष्ठ माना गया है। गुरुवार भगवान विष्णु का दिन है और तुलसी उन्हें अति प्रिय हैं। इस दिन विष्णु जी की पूजा करने के बाद पौधा लगाना घर में खुशहाली लाता है। दिशा की बात करें तो तुलसी के लिए उत्तर-पूर्व (ईशान कोण), उत्तर या पूर्व दिशा सबसे उपयुक्त होती है।

इन विशेष दिनों पर न दें जल और न छुएं पत्ता

तुलसी की पवित्रता बनाए रखने के लिए कुछ दिनों पर निषेध बताया गया है। भूलकर भी रविवार, एकादशी, मंगलवार और संक्रांति के दिन न तो तुलसी में जल चढ़ाएं और न ही इन्हें स्पर्श करें। इन दिनों में तुलसी का पत्ता तोड़ना भी वर्जित माना गया है। इसके अलावा, भगवान विष्णु को भोग लगाते समय तुलसी दल (पत्ता) अवश्य शामिल करें, क्योंकि बिना तुलसी के वे भोग स्वीकार नहीं करते।