तमिलनाडु में थलापति विजय का 'विजय' शंखनाद 108 सीटों के साथ रचा इतिहास,कपिल साहू रहे जीत के असली चाणक्य
India News Live, Digital Desk: तमिलनाडु की सियासत में एक ऐसा बदलाव आया है जिसने पूरे देश को चौंका दिया है। सुपरस्टार थलापति विजय की नई नवेली पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने अपने पहले ही चुनाव में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीतकर सबको हैरान कर दिया है। विजय के इस राजनीतिक उदय के पीछे जहां उनका फिल्मी करिश्मा है, वहीं पर्दे के पीछे की असली बिसात बिछाने वाले रणनीतिकार कपिल साहू अब चर्चाओं के केंद्र में हैं।
कौन हैं कपिल साहू? प्रशांत किशोर के बाद संभाली कमान
कपिल साहू राजनीति की बिसात के वो माहिर खिलाड़ी हैं जिन्होंने कभी मशहूर रणनीतिकार प्रशांत किशोर (PK) की टीम 'आई-पैक' (I-PAC) में काम किया था। जब प्रशांत किशोर बिहार के चुनावों में व्यस्त हो गए, तब कपिल साहू ने विजय के अभियान की पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली। कपिल ने अपने 12 साथियों के साथ मिलकर एक नई पॉलिटिकल एडवाइजरी फर्म बनाई और आम आदमी पार्टी जैसी पार्टियों को सलाह देने के बाद टीवीके (TVK) के साथ जुड़े। उन्होंने डेटा, नैरेटिव और ग्राउंड लेवल पर ऐसी रणनीति बुनी जिसने दशकों पुरानी द्रविड़ राजनीति के समीकरण बदल दिए।
विवादों के भंवर से निकालकर पहुंचाया सत्ता की दहलीज तक
कपिल साहू के लिए विजय की जीत की राह आसान नहीं थी। उनके सामने दो सबसे बड़ी चुनौतियां थीं:
रैली हादसा: टीवीके की एक रैली के दौरान मची भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई थी। इस संवेदनशील मुद्दे पर पार्टी की छवि बचाना और विजय को 'मसीहा' के रूप में पेश करना साहू की बड़ी कामयाबी रही।
निजी विवाद: विजय के कथित एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की चर्चाओं ने जब तूल पकड़ा, तो कपिल साहू की टीम ने बड़ी कुशलता से इस विवाद को शांत किया और जनता का ध्यान विकास व नीतिगत मुद्दों पर केंद्रित रखा।
बहुमत का गणित: क्या कांग्रेस के साथ होगा गठबंधन?
108 सीटें जीतकर विजय की पार्टी तमिलनाडु में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन बहुमत के जादूई आंकड़े (118) से वह अभी भी 10 कदम दूर हैं। सूत्रों की मानें तो विजय अब सरकार बनाने के लिए गठबंधन की संभावनाएं तलाश रहे हैं। चर्चा है कि वे कांग्रेस और अन्य छोटी क्षेत्रीय पार्टियों के साथ मिलकर एक मजबूत गठबंधन तैयार कर सकते हैं ताकि तमिलनाडु में पहली बार 'सिनेमा और राजनीति' का एक नया अध्याय शुरू हो सके।
द्रविड़ किलों में सेंध और थलापति का जादू
तमिलनाडु में दशकों से डीएमके (DMK) और एआईएडीएमके (AIADMK) का वर्चस्व रहा है। विजय ने अपनी पार्टी टीवीके के जरिए इन दोनों ही पारंपरिक किलों में भारी सेंध लगाई है। युवाओं और महिलाओं के बीच विजय की लोकप्रियता को कपिल साहू ने 'बदलाव' के नैरेटिव में बदल दिया, जिसका नतीजा आज सबके सामने है।