पश्चिम बंगाल में 'कमल' का ऐतिहासिक राज्याभिषेक अमित शाह चुनेंगे नेता
India News Live, Digital Desk: पश्चिम बंगाल और असम के चुनावी नतीजों ने भारतीय राजनीति की दिशा बदल दी है। बंगाल में ममता बनर्जी के 15 साल के अभेद्य किले को ढहाने के बाद अब सबकी नजरें इस पर हैं कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। भाजपा आलाकमान ने मंगलवार को विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पश्चिम बंगाल का केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। वहीं, असम में लगातार तीसरी बार मिली प्रचंड जीत के बाद मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगाने के लिए भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा को कमान सौंपी गई है।
बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक 'सुनामी', 206 सीटों के साथ मिली सत्ता
पश्चिम बंगाल के चुनावी इतिहास में सोमवार का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया। भाजपा ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 206 सीटें जीतकर दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल किया है। 15 साल से सत्ता पर काबिज तृणमूल कांग्रेस (TMC) को सत्ता से बेदखल कर भाजपा पहली बार बंगाल में अपनी सरकार बनाने जा रही है।
पर्यवेक्षक: अमित शाह के साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है।
जनाधार: भाजपा ने टीएमसी के गढ़ों में न केवल सेंध लगाई, बल्कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अपना वर्चस्व स्थापित किया है। फिलहाल बहुमत का आंकड़ा 147 है (फालता में मतदान रद्द होने के कारण), जिसे भाजपा ने आसानी से पार कर लिया है।
असम में एनडीए की 'हैट्रिक': भाजपा ने अकेले दम पर पाया बहुमत
असम में भी भाजपा ने इतिहास रचते हुए लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का रास्ता साफ कर लिया है। एनडीए ने 126 सदस्यीय विधानसभा में रिकॉर्ड 102 सीटें जीती हैं।
भाजपा का प्रदर्शन: पार्टी ने जिन 90 सीटों पर चुनाव लड़ा, उनमें से 82 पर जीत दर्ज कर पहली बार अपने दम पर बहुमत हासिल किया।
सहयोगी दल: बीपीएफ ने 10 और असम गण परिषद (AGP) ने 10 सीटों पर जीत हासिल की।
पर्यवेक्षक: केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (सह-पर्यवेक्षक) असम में विधायक दल की बैठक कर नए नेता का चुनाव करेंगे।
दिल्ली में बैठकों का दौर, जल्द होगा शपथ ग्रहण
इन नियुक्तियों के साथ ही भाजपा ने सरकार गठन की प्रक्रिया तेज कर दी है। अमित शाह और जे पी नड्डा जल्द ही क्रमशः कोलकाता और गुवाहाटी का दौरा करेंगे, जहां नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक कर मुख्यमंत्री के नाम की औपचारिक घोषणा की जाएगी। बंगाल में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कौन बैठेगा, इसे लेकर सस्पेंस बरकरार है, लेकिन अमित शाह की नियुक्ति यह संकेत देती है कि पार्टी नेतृत्व बंगाल को लेकर बेहद गंभीर है।