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July 25 2026 06:14 pm

Pakistan Terror Attack: खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा चौकी पर आत्मघाती हमला, 15 सैनिकों की मौत; जवाबी कार्रवाई में 12 आतंकी ढेर

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पाकिस्तान के अशांत उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा (Khyber Pakhtunkhwa) में एक बार फिर बड़ा आतंकी हमला हुआ है। शुक्रवार को भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों और एक आत्मघाती हमलावर ने सेना की एक संयुक्त सुरक्षा चौकी को निशाना बनाया। इस भीषण हमले में 15 सुरक्षाकर्मियों की दर्दनाक मौत हो गई, जिनमें 12 सैनिक, दो पुलिसकर्मी और वन विभाग का एक अधिकारी शामिल हैं।

पाकिस्तानी सेना की अंतर-सेवा जनसंपर्क (ISPR) शाखा के अनुसार, सुरक्षा बलों ने त्वरित और सख्त जवाबी कार्रवाई करते हुए 12 आतंकियों को मौके पर ही ढेर कर दिया और चौकी पर कब्जा करने की उनकी बड़ी साजिश को पूरी तरह नाकाम कर दिया।

विस्फोटकों से भरी गाड़ लेकर टकराया आत्मघाती हमलावर

सेना द्वारा जारी बयान के मुताबिक, आतंकियों ने बेहद योजनाबद्ध तरीके से हमले को अंजाम दिया:

घुसपैठ की नाकाम कोशिश: आतंकियों ने सबसे पहले गोलीबारी करते हुए सुरक्षा चौकी के भीतर घुसने का प्रयास किया, जिसे वहां तैनात सतर्क जवानों ने विफल कर दिया।

कार बम धमाका: इसके बाद बौखलाए आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से भरी अपनी गाड़ी को चौकी की बाहरी दीवार से टकरा दिया।

चौकी ध्वस्त: धमाका इतना जबरदस्त था कि सुरक्षा चौकी की मुख्य इमारत की छत और दीवारें ढह गईं, जिससे अंदर मौजूद सुरक्षाकर्मी मलबे में दब गए और कई लोग इसकी चपेट में आ गए।

TTP पर हमले का शक; अफगान तालिबान पर उठे सवाल

पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि इस नापाक हमले के पीछे प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का हाथ है।

अफगानिस्तान से सीमा पार आतंकवाद: पाकिस्तान सरकार और सेना लंबे समय से यह आरोप लगाती रही है कि टीटीपी के शीर्ष कमांडर अफगानिस्तान की सरजमीं का इस्तेमाल कर पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।

तालिबान का इनकार: दूसरी ओर, काबुल में काबिज अफगान तालिबान सरकार इन आरोपों को लगातार खारिज करती आई है। हालांकि, इस मुद्दे को लेकर इस्लामाबाद और काबुल के बीच कूटनीतिक तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों के लिए बढ़ी चुनौती

खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों में हाल के महीनों में पुलिस, अर्धसैनिक बलों और पाकिस्तानी सेना पर हमलों की बाढ़ आ गई है। इस ताजा घटना के बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर बड़े पैमाने पर 'सर्च ऑपरेशन' चलाया जा रहा है।

विश्लेषकों का मानना है कि टीटीपी के बढ़ते दुस्साहस ने एक बार फिर पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था और उसकी सीमा सुरक्षा नीतियों की पोल खोलकर रख दी है।