Stock Market Crash: सेंसेक्स 900 अंक टूटा, निफ्टी में भी भारी गिरावट; जानें बाजार के अचानक धराशायी होने के 3 बड़े कारण

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India News Live,Digital Desk : शेयर बाजार में आज जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। गुरुवार सुबह धमाकेदार शुरुआत करने और निफ्टी के 25,000 के पार निकलने के बाद, दोपहर होते-होते बाजार की पूरी बढ़त स्वाहा हो गई। बीएसई (BSE) सेंसेक्स 900 अंकों से ज्यादा फिसलकर 83,000 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे आ गया, जबकि निफ्टी भी 250 अंक तक टूट गया।

आइए जानते हैं कि किन 3 प्रमुख कारणों ने निवेशकों के अरबों रुपये डूबा दिए:

1. बड़े स्तर पर मुनाफावसूली (Profit Booking)

बाजार पिछले तीन दिनों से लगातार तेजी दिखा रहा था। गुरुवार सुबह जैसे ही सेंसेक्स और निफ्टी ने नई ऊंचाइयों को छुआ, निवेशकों ने ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली शुरू कर दी। इस भारी बिकवाली के दबाव ने बाजार के सेंटिमेंट को अचानक सकारात्मक से नकारात्मक में बदल दिया।

2. विदेशी निवेशकों (FPI) द्वारा IT शेयरों में भारी बिकवाली

आईटी सेक्टर, जो भारतीय बाजार की रीढ़ माना जाता है, इस समय विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के निशाने पर है।

आंकड़े: फरवरी के शुरुआती 15 दिनों में ही विदेशी निवेशकों ने करीब 10,956 करोड़ रुपये के आईटी शेयर बेच डाले हैं।

कारण: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते विदेशी निवेशकों ने आईटी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी लगभग 16 प्रतिशत कम कर दी है, जिससे टेक शेयरों पर भारी दबाव देखा जा रहा है।

3. अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की उछाल

वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव ने बाजार की आग में घी डालने का काम किया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में तेजी आई है।

ब्रेंट क्रूड: गुरुवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 1% से ज्यादा उछलकर 71 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गईं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसी आयात-निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय हैं, जिससे बाजार का माहौल खराब हुआ।

किन शेयरों में आई सबसे ज्यादा गिरावट?

बाजार की इस गिरावट में लार्ज-कैप से लेकर स्मॉल-कैप तक के शेयर लाल निशान में बंद हुए:

लार्ज-कैप: ट्रेंट (-3.20%), इंडिगो (-2.60%) और एम एंड एम (-2.30%) जैसे बड़े शेयर टूटे।

मिड-कैप: परसिस्टेंट सिस्टम्स (-4.10%), पेटीएम (-3.50%) और एचपीसीएल (-3.40%) में भारी गिरावट रही।

स्मॉल-कैप: कोहंस (-4%) और आईआईएफएल (-3%) जैसे शेयर भी बिकवाली की चपेट में आए।

बाजार विशेषज्ञों की सलाह: अचानक आई इस गिरावट से घबराएं नहीं। बाजार में अस्थिरता का दौर कुछ समय तक बना रह सकता है। निवेशकों को केवल मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में ही बने रहने की सलाह दी जाती है।