AI Impact Summit 2026: मुकेश अंबानी का मेगा प्लान, AI क्रांति के लिए रिलायंस खर्च करेगी ₹10 लाख करोड़; PM मोदी बोले- 'भारत बनेगा ग्लोबल हब'

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India News Live,Digital Desk : नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित "इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026" भारत की तकनीकी दिशा बदलने वाला साबित हुआ है। इस शिखर सम्मेलन में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में निवेश का अब तक का सबसे बड़ा खाका पेश किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस अवसर पर युवाओं और तकनीक के प्रति भारत के विजन को दुनिया के सामने रखा।

मुकेश अंबानी की 'AI फॉर ऑल' की प्रतिज्ञा: ₹10 लाख करोड़ का निवेश

मुकेश अंबानी ने समिट को संबोधित करते हुए कहा कि जिस तरह रिलायंस जियो ने भारत में मोबाइल डेटा की कीमतों को दुनिया में सबसे कम कर डिजिटल क्रांति लाई थी, वही इतिहास अब AI के क्षेत्र में दोहराया जाएगा।

विशाल निवेश: रिलायंस समूह और जियो मिलकर इस वर्ष से अगले सात वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेंगे।

सस्ती तकनीक: अंबानी ने जोर दिया कि एआई कुछ ही लोगों के हाथों की शक्ति नहीं, बल्कि सभी के लिए सुलभ और किफायती होनी चाहिए। उनका लक्ष्य 'कॉस्ट-इफेक्टिव AI' और 'कंट्रोल्ड डेटा' के माध्यम से हर भारतीय तक इस तकनीक को पहुंचाना है।

नया युग: उन्होंने विश्वास जताया कि AI का सबसे बेहतरीन दौर अभी आना बाकी है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे क्षेत्रों में नए युग की शुरुआत करेगा।

PM मोदी का विजन: समावेशी और संप्रभु AI

प्रधानमंत्री मोदी ने समिट में भारत की तकनीकी प्रतिभा और युवा शक्ति की जमकर सराहना की। उनके संबोधन की मुख्य बातें:

युवाओं पर भरोसा: पीएम ने कहा कि भारत की युवा पीढ़ी जिस तेजी से AI को अपना रही है, वह गर्व का विषय है। भारत तकनीकी प्रतिभाओं का दुनिया में सबसे बड़ा केंद्र है।

टेक्नोलॉजी एडॉप्शन: भारत केवल नई तकनीकों का इस्तेमाल ही नहीं करता, बल्कि उनका निर्माण भी करता है और उन्हें सबसे तेजी से अपनाता है।

संप्रभु AI: प्रधानमंत्री ने 'सॉवरेन एआई' (Sovereign AI) पर जोर देते हुए कहा कि भारत अपनी प्राथमिकताओं और मूल्यों के आधार पर समावेशी एआई विकास की ओर अग्रसर है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह समिट?

यह शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया एआई के नैतिक उपयोग और इसकी पहुंच पर बहस कर रही है। भारत ने इस समिट के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है कि वह न केवल एआई का बड़ा बाजार है, बल्कि वह इसके भविष्य के मानकों को निर्धारित करने में भी अग्रणी भूमिका निभाएगा। रिलायंस का यह निवेश भारत में सुपरकंप्यूटिंग, डेटा सेंटर्स और एआई-आधारित स्टार्टअप्स के लिए एक नया इकोसिस्टम तैयार करेगा।