BREAKING:
September 14 2026 06:23 pm

Solar Industries ने South Africa की Omnia को ₹12,951 करोड़ में खरीदने का किया मेगा ऐलान

Post

भारतीय शेयर बाजार में लंबी अवधि के निवेशकों को छप्परफाड़ रिटर्न देने वाली देश की प्रमुख इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव्स और डिफेंस सॉल्यूशंस निर्माता कंपनी सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया लिमिटेड (Solar Industries India Ltd) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना अब तक का सबसे बड़ा दांव खेल दिया है। 10 वर्षों में निवेशकों के ₹1 लाख को ₹35 लाख में तब्दील करने वाली इस मल्टीबैगर कंपनी ने दक्षिण अफ्रीका की 73 साल पुरानी दिग्गज केमिकल्स एवं माइनिंग कंपनी ओम्निया होल्डिंग्स (Omnia Holdings Limited) के 100% शेयरों को नकद में खरीदने का आधिकारिक ऐलान किया है।

यह पूरा सौदा करीब ₹12,951 करोड़ ($1.355 बिलियन डॉलर) की ऑल-कैश डील के रूप में होगा, जो भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास में विदेशी माइनिंग और केमिकल्स सेक्टर के सबसे बड़े अधिग्रहणों में से एक है।

₹12,951 करोड़ की मेगा डील: जानिए क्या हैं मुख्य शर्तें

स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई नियामकीय जानकारी के अनुसार, यह अधिग्रहण सोलर इंडस्ट्रीज की अप्रत्यक्ष रूप से पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'सोलर एसए इन्वेस्टमेंट्स' (Solar SA Investments) के जरिए किया जा रहा है:

प्रति शेयर भाव: सोलर ग्रुप ने ओम्निया होल्डिंग्स के शेयरधारकों को ZAR 134.50 (साउथ अफ्रीकन रैंड) प्रति शेयर का ऑल-कैश ऑफर दिया है, जो इसके पिछले कारोबारी सत्र के क्लोजिंग भाव से करीब 14.3% प्रीमियम पर है।

स्टॉक एक्सचेंज से डीलिस्टिंग: अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ओम्निया होल्डिंग्स को जोहान्सबर्ग स्टॉक एक्सचेंज (JSE) और A2X मार्केट्स से डीलिस्ट करा दिया जाएगा।

समयसीमा: प्रतिस्पर्धा आयोगों (Antitrust) और वैधानिक मंजूरियों के बाद इस सौदे के 2027 की शुरुआत से लेकर मध्य तक पूरी तरह संपन्न होने की उम्मीद है।

क्या करती है दक्षिण अफ्रीका की Omnia Holdings?

साल 1953 में स्थापित ओम्निया होल्डिंग्स अफ्रीका और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में एक जाना-माना नाम है:

23 देशों में सीधा कारोबार: कंपनी की 23 देशों में भौतिक मौजूदगी है और यह दुनिया भर के 40 से अधिक देशों में अपने ग्राहकों को सेवाएं प्रदान करती है।

माइनिंग और ब्लास्टिंग का मजबूत BME विंग: ओम्निया का मुख्य आकर्षण उसका 'BME' डिवीजन है, जो ओपन-कास्ट और अंडरग्राउंड कमर्शियल माइनिंग के लिए ब्लास्टिंग सिस्टम, एक्सप्लोसिव्स, माइनिंग केमिकल्स और मेटलर्जिकल प्रोसेसिंग सॉल्यूशंस देता है।

एग्रीकल्चर और क्रॉप न्यूट्रिशन: माइनिंग के अलावा कंपनी एडवांस्ड फर्टिलाइजर्स, बायो-स्टिमुलेंट्स और न्यूट्रियोलॉजी सॉल्यूशंस में भी अग्रणी है।

वित्तीय स्थिति: 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में ओम्निया ने $1.41 बिलियन (लगभग ₹13,307 करोड़) का राजस्व दर्ज किया था और कंपनी नेट कैश पॉजिटिव स्थिति में है।

सोलर इंडस्ट्रीज को इस डील से क्या मिलेगा?

नागपुर स्थित सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया इस समय भारत में कमर्शियल एक्सप्लोसिव्स की सबसे बड़ी सप्लायर है और रक्षा क्षेत्र में 'पिनाका रॉकेट्स' व ड्रोन वॉरहेड्स के लिए हथियार प्रणाली तैयार करती है। इस अधिग्रहण से कंपनी को तीन बड़े रणनीतिक फायदे होंगे:

ग्लोबल माइनिंग हब में सीधी एंट्री: अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, कनाडा और इंडोनेशिया जैसे प्रमुख माइनिंग बाजारों में ओम्निया के 70 से ज्यादा डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर्स का सीधा फायदा सोलर ग्रुप को मिलेगा।

क्रिटिकल मिनरल्स तक पहुंच: जाम्बिया, कांगो और दक्षिण अफ्रीका जैसे देश इस समय तांबा (Copper), कोबाल्ट और लिथियम जैसे क्रिटिकल खनिजों का उत्पादन कई गुना बढ़ा रहे हैं। इन खदानों में ब्लास्टिंग और एक्सप्लोसिव्स की मांग भारी पैमाने पर बढ़ रही है।

कच्चे माल की सुरक्षा (Backward Integration): विस्फोटक बनाने के लिए जरूरी अमोनियम नाइट्रेट और नाइट्रिक एसिड की वैश्विक सप्लाई चेन सुरक्षित होगी, जिससे कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर कम होगा।

10 साल में ₹1 लाख के बनाए ₹35 लाख: शेयर का धमाकेदार ट्रैक रिकॉर्ड

सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया दलाल स्ट्रीट पर सबसे निरंतर संपत्ति बनाने वाली (Wealth Creator) कंपनियों में शुमार रही है:

10 साल का रिटर्न: पिछले 10 वर्षों में स्टॉक ने करीब 3,381% का भारी-भरकम रिटर्न दिया है। यानी यदि किसी निवेशक ने 10 साल पहले इसमें ₹1 लाख लगाए होते, तो आज उसकी वैल्यू बढ़कर लगभग ₹35 लाख हो चुकी होती।

5 साल और 3 साल का प्रदर्शन: पिछले 5 वर्षों में शेयर 1,147% और पिछले 3 सालों में 378% उछला है।

52-वीक हाई: स्टॉक हाल ही में 9 सितंबर को अपने रिकॉर्ड हाई ₹22,617.10 के स्तर को छू चुका है।

कंपनी के एमडी और सीईओ मनीष नुवाल के अनुसार, यह अधिग्रहण सोलर इंडस्ट्रीज को भारत से निकलकर एक सच्ची 'ग्लोबल केमिकल्स और ब्लास्टिंग मल्टीनेशनल' कंपनी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा।