टीम से बाहर किए जाने और साइबर जांच पर मोहम्मद रिजवान ने तोड़ी चुप्पी: बोले- 'पूरी तरह कर रहा हूं सहयोग
इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट सीरीज के बीच से पाकिस्तान वापस भेजे जाने और देश की संघीय साइबर अपराध एजेंसी की जांच के घेरे में आने के बाद वरिष्ठ विकेटकीपर-बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान ने आखिरकार पूरे विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ दी है। ड्रेसिंग रूम की गोपनीय जानकारियां लीक करने के आरोपों और नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NCCIA) द्वारा की जा रही पूछताछ के बीच रिजवान ने मीडिया से बात करते हुए साफ किया कि वे इस जांच प्रक्रिया में जांच अधिकारियों के साथ पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं और केवल इसके पूरा होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
'जांच पूरी होने दीजिए, फिर सामने रखूंगा बात': रिजवान का बयान
पाकिस्तानी मीडिया से मुखातिब होते हुए 34 वर्षीय मोहम्मद रिजवान ने विवाद पर बहुत नपे-तुले शब्दों में प्रतिक्रिया दी:
"मैं जांच एजेंसी के साथ पूरी तरह से सहयोग कर रहा हूं। फिलहाल मैं सिर्फ इस जांच प्रक्रिया के आधिकारिक रूप से समाप्त होने का इंतजार कर रहा हूं। एक बार जांच पूरी हो जाए, उसके बाद ही मैं मीडिया के सामने आकर विस्तार से अपनी बात रखूंगा।"
रिजवान ने जांच के तकनीकी पहलुओं या आरोपों के विवरण पर सीधे तौर पर टिप्पणी करने से परहेज किया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि मामले का निष्कर्ष सामने आने के बाद वे प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए अपना पक्ष रखेंगे।
क्या है पूरा मामला और रिजवान पर क्या हैं आरोप?
यह पूरा विवाद इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच के बाद शुरू हुआ:
दौरे के बीच से वतन वापसी: लॉर्ड्स टेस्ट में 194 रनों की करारी हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने अचानक बड़ा कदम उठाते हुए मोहम्मद रिजवान और सलामी बल्लेबाज इमाम-उल-हक सहित सात खिलाड़ियों को स्क्वाड से बाहर कर स्वदेश वापस भेज दिया था।
ड्रेसिंग रूम की सूचना लीक करने का शक: दोनों खिलाड़ियों पर आरोप है कि उन्होंने टीम की रणनीति और ड्रेसिंग रूम से जुड़ी आंतरिक जानकारियां अनाधिकृत रूप से बाहर साझा कीं।
मोबाइल फोन जब्त और वित्तीय लेन-देन की जांच: पीसीबी की सुरक्षा शाखा ने खिलाड़ियों के फोन अपने कब्जे में लेकर जांच एजेंसियों को सौंप दिए। इसके बाद पाकिस्तान के आंतरिक मंत्रालय के अधीन काम करने वाली NCCIA ने लाहौर स्थित अपने दफ्तर में रिजवान और इमाम दोनों को तलब कर कई घंटों तक उनके फोन डेटा और बैंक लेन-देन (Financial Transactions) को लेकर सघन पूछताछ की।
पीसीबी चीफ मोहसिन नकवी का कड़ा रुख
इस मामले में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी (जो देश के गृह मंत्री भी हैं) ने पहले ही साफ कर दिया था कि टीम में की गई यह छंटनी सिर्फ मैदान पर खराब प्रदर्शन तक सीमित नहीं है।
नकवी ने कहा था कि बोर्ड अनुशासन और आचरण के मामलों में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपना रहा है और इसके पीछे के गैर-प्रदर्शन वाले कारणों की तह तक जाकर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इधर, रिजवान के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि अब सभी की निगाहें NCCIA की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि दोनों वरिष्ठ खिलाड़ियों का अंतरराष्ट्रीय करियर आगे किस दिशा में जाएगा।