पेट्रोल-डीजल की किल्लत महज अफवाह! सर्वदलीय बैठक में सरकार का बड़ा खुलासा, 'होर्मुज' से सुरक्षित निकले भारतीय जहाज
India News Live,Digital Desk : मध्य पूर्व में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच छिड़े युद्ध के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर है। देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कमी को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को केंद्र सरकार ने सिरे से खारिज कर दिया है। बुधवार को हुई महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक में सरकार ने स्पष्ट किया कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। जो छिटपुट किल्लत दिख रही है, वह केवल 'सप्लाई चेन' में आए अस्थायी व्यवधान के कारण है, न कि तेल के स्टॉक की कमी की वजह से।
होर्मुज जलडमरूमध्य में भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत
अमर उजाला की शैली में इस खबर का सबसे बड़ा पहलू भारत की रणनीतिक सफलता है। युद्ध के कारण दुनिया के लिए सिरदर्द बने 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) में जहां कई देशों के जहाज फंसे हुए हैं, वहीं भारत के चार जहाज सुरक्षित बाहर निकल चुके हैं। पेट्रोलियम और विदेश मंत्रालय ने बैठक में बताया कि शेष भारतीय जहाज भी जल्द ही सुरक्षित मार्ग से बाहर आ जाएंगे। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की मजबूत पकड़ और सफल विदेश नीति के तौर पर देखा जा रहा है।
'हम युद्ध नहीं चाहते': ट्रम्प से बोले पीएम मोदी
बैठक में विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच हुई टेलीफोनिक बातचीत का ब्यौरा भी साझा किया। पीएम मोदी ने अमेरिका को दो टूक शब्दों में अपना संदेश दे दिया है— "भारत युद्ध नहीं चाहता।" सरकार ने विपक्ष को बताया कि भारत शांति और संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, पाकिस्तान द्वारा इस विवाद में 'बिचौलिया' बनने की कोशिशों पर सरकार ने कहा कि पाकिस्तान 1981 से ऐसी हरकतें करता रहा है, लेकिन भारत की अपनी स्वतंत्र और स्पष्ट नीति है।
विपक्ष और सरकार एक सुर में: संकट में देश एकजुट
डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, "पश्चिम एशिया के संकट पर सरकार ने विपक्ष के हर सवाल का संतोषजनक जवाब दिया है। सबसे सकारात्मक बात यह रही कि सभी विपक्षी दलों ने संकट की इस घड़ी में सरकार के साथ एकजुट रहने की प्रतिबद्धता दोहराई है।" हालांकि, विपक्ष ने कुछ तकनीकी मुद्दों और संसद में दिए गए बयानों पर स्पष्टीकरण मांगा, जिसे सरकार ने गंभीरता से नोट किया है।
अफवाहों से बचें: रसद और परिवहन है मुख्य कारण
सरकार ने साफ किया कि कुछ इलाकों में ईंधन की देरी का कारण 'लॉजिस्टिक्स' (परिवहन) संबंधी चुनौतियां हैं। युद्ध की स्थिति को देखते हुए कुछ रूट बदले गए हैं, जिससे माल पहुंचने में थोड़ा समय लग रहा है। सरकार ने जनता से अपील की है कि वे पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) न करें और सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक तस्वीरों पर यकीन न करें।