मीन राशि में शनि की उलटी चाल: मेष, कुंभ, मीन और मकर राशि पर कैसा रहेगा साढ़ेसाती का असर
नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क। कर्मफलदाता और न्याय के देवता शनिदेव 27 जुलाई 2026 को अपनी चाल बदलकर मीन राशि में वक्री होने जा रहे हैं। शनि की यह उलटी चाल 11 दिसंबर 2026 तक पूरे 138 दिनों तक चलेगी। ज्योतिष शास्त्र में शनि लगभग 30 वर्षों में अपना एक चक्र पूरा करते हैं, इसलिए इनका वक्री होना हर राशि के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव लाता है।
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, साढ़ेसाती से प्रभावित राशियों और मकर राशि पर वक्री शनि का असर इस प्रकार रहेगा:
1. मेष राशि: अटके काम बनेंगे, लेकिन व्यक्तिगत जीवन में तनाव
मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है। वक्री शनि आपके लिए थोड़ी राहत लेकर आएंगे। जो काम लंबे समय से रुके हुए थे, वे अब बनने लगेंगे। नौकरी और बिजनेस की समस्याएं कम होंगी। हालांकि, पर्सनल लाइफ में परेशानियां बढ़ सकती हैं, इसलिए धैर्य से काम लें और सहकर्मियों से विवाद से बचें।
2. कुंभ राशि: आर्थिक फैसलों में सावधानी और कामों में देरी
कुंभ राशि पर साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है। इस दौरान धन से जुड़ा कोई भी फैसला सोच-समझकर लें, वरना वित्तीय नुकसान हो सकता है। बनते हुए काम अचानक अटक सकते हैं, इसलिए मानसिक रूप से खुद को शांत रखें।
3. मीन राशि: प्रोफेशनल लाइफ में चुनौती, मेहनत का नहीं मिलेगा श्रेय
मीन राशि पर साढ़ेसाती का दूसरा (मध्य) चरण जारी है। वक्री काल में कार्यक्षेत्र में आपको अपनी मेहनत का पूरा फल नहीं मिलेगा और कोई अन्य इसका श्रेय ले सकता है। दोस्तों से दूरी बन सकती है। अनुशासन बनाए रखें और किसी के साथ गलत न करें।
4. मकर राशि: फिर बढ़ सकती हैं मुश्किलें, काम का रहेगा भारी दबाव
मकर राशि के जातकों के लिए वक्री शनि फिर से थोड़ी मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। कार्यस्थल पर काम का दबाव बढ़ेगा और छोटी-छोटी रुकावटें सामने आएंगी। इस दौरान किसी भी बड़े निवेश से बचें और जल्दबाजी में फैसले न लें।