संजू सैमसन का दिलचस्प आकलन: एमएस धोनी को बताया क्रिकेट का 'रोजर फेडरर', जानें विराट कोहली की तुलना किससे की?
साल के सबसे प्रतिष्ठित टेनिस ग्रैंड स्लैम 'विंबलडन 2026' के आगाज से ठीक पहले, भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन ने क्रिकेट और टेनिस के खेल के बीच एक बेहद अनोखी और दिलचस्प समानता पेश की है। सैमसन ने दोनों ही खेलों के महान और दिग्गज खिलाड़ियों के स्वभाव और खेलने की शैली के आधार पर उनकी तुलना की।
सैमसन ने भारत के सबसे सफल पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को क्रिकेट की दुनिया का 'रोजर फेडरर' करार दिया, जबकि उन्होंने रन-मशीन विराट कोहली के शुरुआती आक्रामक तेवरों की तुलना स्पेन के युवा टेनिस सनसनी से की है।
'कूल' धोनी हैं रोजर फेडरर, 'अग्रेसिव' विराट हैं कार्लोस अल्कारेज
जियो स्टार (Jio Star) के एक कार्यक्रम में बातचीत करते हुए 31 वर्षीय संजू सैमसन ने टेनिस और क्रिकेट प्रेमियों को जोड़ने वाला एक बेहतरीन दृष्टिकोण साझा किया:
एमएस धोनी (क्रिकेट के रोजर फेडरर): सैमसन ने कहा, "अगर मुझसे पूछा जाए कि क्रिकेट की दुनिया का रोजर फेडरर कौन है, तो वह केवल और केवल महेंद्र सिंह धोनी ही हो सकते हैं। फेडरर की ही तरह धोनी भाई भी मैदान पर अपने काम को बहुत ही शांत, शालीन और संयमित (Cool and Composed) तरीके से अंजाम देते हैं।"
विराट कोहली (क्रिकेट के कार्लोस अल्कारेज): स्पेन के स्टार टेनिस खिलाड़ी का जिक्र करते हुए सैमसन ने कहा, "दूसरी ओर, कार्लोस अल्कारेज मैदान पर बहुत ज्यादा आक्रामक (Aggressive) रहते हैं। यह बिल्कुल वैसा ही अंदाज है, जैसा विराट भाई ने अपने करियर की शुरुआत में दिखाया था। इसलिए विराट कोहली की तुलना काफी हद तक कार्लोस अल्कारेज से की जा सकती है।"
महिला टीम की वर्ल्ड कप जीत ने पुरुष टीम को किया था प्रेरित
हाल ही में समाप्त हुए टी20 वर्ल्ड कप 2026 में लगातार तीन मैचों में शानदार अर्धशतक जड़कर 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' (टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी) चुने गए संजू सैमसन ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की भी जमकर सराहना की। गौरतलब है कि भारतीय महिला टीम ने हाल ही में अपना पहला वनडे वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रचा था, जिसके कुछ ही महीनों बाद पुरुष टीम ने भी अपनी सरजमीं पर टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता।
सैमसन ने बताया कि महिला टीम की इस ऐतिहासिक कामयाबी ने पुरुष टीम के भीतर भी जीत का जज्बा पैदा किया था:
"जब महिला टीम वर्ल्ड कप का फाइनल खेल रही थी, तो मेरा पूरा परिवार टीवी से चिपका हुआ था। हम सभी जानते थे कि हमारी टीम में विश्व कप जीतने की पूरी क्षमता है। उनकी इस ऐतिहासिक जीत ने हमारे लिए सफलता के बहुत ऊंचे मानक (Standards) तय कर दिए थे। उनके बाद हमें भी लगा कि जब लड़कियां देश के लिए खिताब जीत सकती हैं, तो घरेलू मैदान पर हम भी भारत को टी20 वर्ल्ड कप का चैंपियन बना सकते हैं।"
उन्होंने गर्व जताते हुए कहा कि यह भारतीय क्रिकेट के इतिहास का सबसे स्वर्णिम दौर है कि पुरुष और महिला दोनों ही वर्ल्ड कप ट्रॉफी इस समय भारत के पास हैं। वर्तमान में भारतीय महिला टीम इंग्लैंड की धरती पर टी20 विश्व कप खेल रही है, जहां उनका अगला कड़ा मुकाबला छह बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलियाई टीम से होना है।