June 23 2026 12:22 am

'वैभव सूर्यवंशी के सामने सरेंडर कर दो, इसी में भलाई है': आकाश चोपड़ा ने आखिर टीम के सीनियर खिलाड़ियों को क्यों दी यह नसीहत?

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भारतीय क्रिकेट के 15 वर्षीय युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने इन दिनों अपनी जादुई और आतिशी बल्लेबाजी से पूरी दुनिया को अपना मुरीद बना लिया है। रविवार को श्रीलंका ए के खिलाफ वनडे ट्राई-सीरीज के फाइनल में महज 29 गेंदों में 94 रनों की विस्फोटक पारी (11 गेंदों में वर्ल्ड रिकॉर्ड अर्धशतक) खेलने के बाद वे हर दिग्गज की जुबान पर हैं। अब उनकी सीनियर भारतीय टीम में भी एंट्री हो चुकी है, जहां वे आगामी आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू कर सकते हैं।

वैभव की इस अविश्वसनीय पारी और दबाव के मैचों में उनके प्रदर्शन को देखकर भारत के पूर्व क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर आकाश चोपड़ा भी खुद को उनकी तारीफ करने से नहीं रोक पाए। आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर वैभव की बल्लेबाजी का विश्लेषण करते हुए उनके साथ खेलने वाले सीनियर भारतीय खिलाड़ियों को एक बेहद दिलचस्प और अनोखी नसीहत दे डाली है।

'ऋतुराज, तिलक और प्रियांश सब फीके पड़ गए, यह बच्चा सबको शर्मिंदा कर रहा है'

आकाश चोपड़ा ने सोमवार को अपने यूट्यूब वीडियो में वैभव सूर्यवंशी के अविश्वसनीय आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा:

"10 चौके, 8 छक्के और 324.14 के स्ट्राइक रेट से 94 रन... क्या कर रहा है यह बच्चा? वह मैदान पर मौजूद बाकी सभी दिग्गज खिलाड़ियों को थोड़ा शर्मिंदा और इनसिक्योर (असुरक्षित) महसूस करा रहा है। उस इंडिया ए टीम में ऋतुराज गायकवाड़, प्रियांश आर्य और तिलक वर्मा जैसे स्थापित और शानदार खिलाड़ी खेल रहे थे, लेकिन जब यह बच्चा मारना शुरू करता है, तो खेल का लेवल ही अलग हो जाता है। इसने मस्ती-मस्ती में फाइनल जैसे बड़े मैच में 11 गेंदों में अर्धशतक ठोककर लिस्ट-ए का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया।"

'प्रेशर जितना बड़ा होता है, यह बच्चा उतना ही निखरता है'

आकाश चोपड़ा ने वैभव सूर्यवंशी की सबसे बड़ी खासियत उनका 'बिग मैच प्लेयर' (बड़े मैचों का खिलाड़ी) होना बताया। उन्होंने वैभव के पुराने नॉकआउट रिकॉर्ड्स गिनाते हुए कहा कि इस 15 साल के बच्चे को दबाव का बिल्कुल अहसास नहीं होता:

ट्राई सीरीज फाइनल: 29 गेंदों में 94 रन

अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल: 175 रनों की विशाल पारी

आईपीएल 2026 एलिमिनेटर: 97 रन

आईपीएल 2026 क्वालिफायर-2: 97 रन

आकाश ने कहा कि जैसे ही मंच बड़ा होता है और दबाव बढ़ता है, यह बच्चा दबाव में बिखरने के बजाय और ज्यादा निखरकर सामने आता है।

'सूर्यवंशी से मुकाबला मत करो, अपनी कैप उतारकर सरेंडर कर दो'

मैदान पर वैभव के जोड़ीदार बल्लेबाजों को नसीहत देते हुए आकाश चोपड़ा ने कहा कि अक्सर साथ खेलने वाले खिलाड़ियों को लगता है कि वे भी वैभव की तरह बड़े कड़े शॉट्स खेल सकते हैं, लेकिन ऐसा प्रयास करना उनके लिए आत्मघाती हो सकता है।

आकाश ने सलाह देते हुए कहा:

“कुछ समय बाद यह लड़का आपको यह अहसास करा देता है कि भाई, इसके सामने सरेंडर (हथियार डालना) कर दो क्योंकि आप इसकी तरह हिटिंग नहीं कर सकते और इसी में सबकी भलाई है। अगर आपको खुद के रन बनाने हैं, तो इस 15 साल के बच्चे से कॉम्पीट (मुकाबला) करना बंद कर दो। अपनी कैप उतारो और कहो कि यह लड़का अद्भुत है। माना कि इस उम्र में उसके खेल में निरंतरता (Consistency) की थोड़ी कमी हो सकती है, जो इस सीरीज के शुरुआती मैचों में भी दिखा। लेकिन जिस दिन इस बच्चे का बल्ला चलता है, वह एक परछाई की तरह सबके ऊपर छा जाता है और किसी को कुछ नजर नहीं आता। वैभव सूर्यवंशी तू क्लास है बेटा, कभी बदलना मत!”