यूक्रेन के ड्रोन हमलों से दहल उठा रूस! पेट्रोल-डीजल की मची भारी किल्लत, पुतिन ने पहली बार कबूला तबाही का सच
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में एक बेहद चौंकाने वाला और ऐतिहासिक मोड़ सामने आया है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पहली बार सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया है कि यूक्रेन के लगातार हो रहे ड्रोन हमलों के कारण रूस के तेल प्रतिष्ठानों (Oil Refineries) को भारी नुकसान पहुंचा है। इस तबाही का सीधा असर अब रूस के घरेलू बाजार पर दिखने लगा है, जहां देश के कई हिस्सों में पेट्रोल और डीजल की गंभीर किल्लत पैदा हो गई है। रक्षा और अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि इस अप्रत्याशित संकट के बाद अब मॉस्को (क्रेमलिन) पर शांति वार्ता के लिए वैश्विक दबाव काफी बढ़ गया है।
पेट्रोल पंपों पर लगीं लंबी कतारें, राशनिंग शुरू
यूक्रेन द्वारा हाल के महीनों में रूस के सैन्य और ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर किए गए लंबी दूरी के ड्रोन हमलों ने रूस की ईंधन आपूर्ति श्रृंखला को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि रूस के कई प्रमुख शहरों में पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं। ईंधन की भारी कमी को देखते हुए कई क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन को पेट्रोल-डीजल के वितरण पर कोटा (राशनिंग) या सीमा तय करने जैसे कड़े कदम उठाने पड़े हैं।
यूक्रेन का दावा: हर हमला शांति की दिशा में एक कदम
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'टेलीग्राम' पर इस रणनीतिक सफलता की पुष्टि करते हुए लिखा कि यूक्रेन के लंबी दूरी के आत्मघाती ड्रोनों ने रूस की दो बड़ी तेल रिफाइनरियों को सफलतापूर्वक मलबे में तब्दील कर दिया है। जेलेंस्की ने हुंकार भरते हुए कहा, 'हमारा हर एक सटीक हमला रूस की युद्ध लड़ने की क्षमता को कमजोर कर रहा है और यह कदम हमें न्यायसंगत शांति की दिशा में आगे ले जा रहा है।' पश्चिमी सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि रिफाइनरियों पर हुए इन हमलों से रूसी सेना के वाहनों और टैंकों की रफ्तार भी सुस्त पड़ी है।
यूक्रेन के 'बॉर्डर सील' शांति प्रस्ताव को रूस ने किया था खारिज
पुतिन ने रूस के सरकारी टेलीविजन पर देश को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि यूक्रेन का मुख्य उद्देश्य रूसी समाज में असंतोष और विभाजन पैदा करना है ताकि रूस अपनी सैन्य बढ़त को रोकने के लिए मजबूर हो जाए। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि इन हमलों से फ्रंटलाइन (युद्ध के मोर्चे) पर उनकी सेना के हौसले पस्त नहीं हुए हैं।
पुतिन ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि यूक्रेन ने कुछ समय पहले दोनों देशों के अंदरुनी रिहायशी इलाकों पर हवाई हमले पूरी तरह रोकने तथा इस पूरी लड़ाई को केवल दोनेत्स्क, लुहान्स्क, खेरसॉन और जापोरिजिया क्षेत्रों तक ही सीमित रखने का एक गोपनीय प्रस्ताव दिया था, लेकिन रूस ने उनकी शर्तों को पूरी तरह अस्वीकार कर दिया।
रिफाइनरी में लगी भीषण आग, पुतिन बोले— "दौर कठिन है"
स्थानीय रूसी प्राधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, रूस के क्रास्नोडार क्षेत्र के स्लाव्यान्स्क-ना-कुबानी में स्थित एक विशाल तेल रिफाइनरी पर यूक्रेनी ड्रोन का मलबा गिरने से भीषण आग लग गई, जिसमें एक कर्मचारी की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। इसके अलावा यारोस्लाव क्षेत्र की एक अन्य रिफाइनरी को भी भारी नुकसान पहुंचने का दावा किया गया है। संकट की समीक्षा के लिए आला अधिकारियों के साथ आपातकालीन बैठक करने के बाद पुतिन ने माना कि देश वर्तमान में 'एक बेहद कठिन दौर से गुजर रहा है', लेकिन सरकार अपनी सभी सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाती रहेगी।
ईंधन संकट से निपटने के लिए अब दूसरे देशों से आयात करेगा रूस
रूसी राष्ट्रपति ने बिगड़ते हालात को संभालने के लिए युद्ध स्तर पर योजनाएं बनाने के निर्देश दिए हैं। पुतिन ने कहा कि तेल प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए देश का रक्षा उद्योग अब हवाई रक्षा प्रणालियों (Air Defense Systems) का उत्पादन दोगुना करेगा। इसके साथ ही, देश में पेट्रोल-डीजल की इस अस्थायी कमी को तुरंत दूर करने के लिए रूस अब मित्र देशों से भारी मात्रा में ईंधन का आयात (Import) करेगा और क्षतिग्रस्त रिफाइनरियों की मरम्मत का काम चौबीस घंटे शिफ्टों में पूरा किया जाएगा।
इस बीच दोनों देशों के बीच खूनी हवाई जंग जारी है। रूस के बेलगोरोद में जहां यूक्रेनी हमलों में नागरिक मारे गए हैं, वहीं यूक्रेन के जापोरिजिया शहर पर रूसी बमबारी में दो लोगों की मौत हो गई। रूस ने दावा किया है कि उसकी वायुसेना ने रातभर में रिकॉर्ड 213 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए हैं।