Russia launches 'devastating' attack on Ukraine: कीव समेत कई शहरों में मिसाइल और ड्रोन की बारिश, पुलिस अफसर की मौत
India News Live,Digital Desk : रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने एक बार फिर खौफनाक मोड़ ले लिया है। रविवार, 22 फरवरी को रूसी सेना ने यूक्रेन की राजधानी कीव सहित देश के कई प्रमुख शहरों पर क्रूज, बैलिस्टिक मिसाइलों और 'कामिकाजे' ड्रोन से भीषण हवाई हमला किया। इस हमले में लवीव शहर में एक पुलिस अधिकारी की जान चली गई, जबकि कीव के बाहरी इलाके में एक नागरिक की मौत हो गई। युद्ध के चार साल बीत जाने के बाद भी शांति की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
ऊर्जा संयंत्रों और रिहायशी इलाकों को बनाया निशाना
यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, रूस का यह हमला बेहद योजनाबद्ध था। इस बार रूसी मिसाइलों ने न केवल सैन्य ठिकानों को, बल्कि ओडेसा बंदरगाह, महत्वपूर्ण ऊर्जा संयंत्रों और रेलवे बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया। राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बताया कि कीव के अलावा निप्रो, किरोवोदाड, मीकोलेव, पोल्टावा, लवीव और सुमी जैसे क्षेत्रों में भारी तबाही हुई है। कई आवासीय इमारतें मलबे में तब्दील हो गई हैं, जिससे नागरिकों में दहशत का माहौल है।
एक हफ्ते में 1300 से ज्यादा ड्रोन से हमला
यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने चौंकाने वाले आंकड़े जारी करते हुए बताया कि रूस ने अकेले इसी सप्ताह में यूक्रेन पर 1,300 ड्रोन, 1,400 गाइडेड बम और 96 मिसाइलें दागी हैं। ताजा हमले में 33 मिसाइलों और 274 ड्रोनों का इस्तेमाल किया गया। जेलेंस्की ने रूस की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पुतिन का ध्यान बातचीत के जरिए युद्ध खत्म करने पर नहीं, बल्कि यूक्रेन को पूरी तरह तबाह करने पर है।
यूक्रेन का पलटवार: मॉस्को के चारों इंटरनेशनल एयरपोर्ट बंद
रूस के इस हमले को शनिवार को यूक्रेन द्वारा किए गए ड्रोन हमले का बदला माना जा रहा है। गौरतलब है कि शनिवार को यूक्रेन ने रूसी सीमा के 1,400 किलोमीटर भीतर घुसकर एक मिसाइल फैक्ट्री को निशाना बनाया था। अब यूक्रेन के संभावित जवाबी हमले (Retaliation) के डर से रूस ने अपनी राजधानी मॉस्को के सभी चार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को एहतियातन बंद कर दिया है। रूसी अधिकारियों को अंदेशा है कि यूक्रेन के लंबी दूरी के ड्रोन मॉस्को के संवेदनशील ठिकानों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
शांति प्रयासों पर कब्जा बना रोड़ा
अमेरिका और यूरोपीय देश लगातार इस युद्ध को रुकवाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जमीन पर कब्जे के दावों को लेकर दोनों पक्ष झुकने को तैयार नहीं हैं। एक तरफ रूस अपने विजित क्षेत्रों को छोड़ने को तैयार नहीं है, तो दूसरी तरफ यूक्रेन अपनी संप्रभुता के साथ समझौता नहीं करना चाहता। इस खींचतान के बीच आम नागरिक और सुरक्षाकर्मी अपनी जान गंवा रहे हैं।