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July 16 2026 01:49 am

बंगाल में महासंग्राम: ममता बनर्जी की सुरक्षा हटाने पर बवाल; TMC ने सीएम शुभेंदु को घेरा, महुआ मोइत्रा बोलीं- 'बेशर्म सरकार'

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पश्चिम बंगाल की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक नया और बेहद गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। ममता बनर्जी के आवास पर पिछले 20 वर्षों से तैनात उनके सबसे भरोसेमंद निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO) को अचानक हटाए जाने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। टीएमसी ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध की पराकाष्ठा बताते हुए मुख्यमंत्री पर गंभीर साजिश रचने का आरोप लगाया है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस पर करारा पलटवार करते हुए साफ किया है कि सुरक्षा नियमों के मुताबिक ही दी जा रही है।

डेरेक ओ ब्रायन ने आधी रात को वीडियो शेयर कर खोली पोल

इस पूरे विवाद की चिंगारी बुधवार रात उस वक्त सुलग उठी, जब टीएमसी के वरिष्ठ सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने ममता बनर्जी के कोलकाता स्थित कालीघाट आवास के बाहर से एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। डेरेक ने वीडियो के साथ लिखा, "रात के 9:30 बज रहे हैं। ममता बनर्जी के साथ दो दशकों से तैनात पीएसओ को उनके घर से हटा दिया गया है। वह घर के अंदर हैं और बाहर कोई सुरक्षा मौजूद नहीं है। सुरक्षा की इतनी बड़ी कमी को देखते हुए मैंने खुद अपनी कार को मुख्य गेट के आगे अड़ा दिया है ताकि गेट बंद रहे।"

महुआ मोइत्रा ने की मोहन भागवत की सुरक्षा से तुलना, कल्याण बनर्जी भी भड़के

इस घटना के बाद टीएमसी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से सीएम शुभेंदु अधिकारी पर तीखा हमला बोलते हुए लिखा गया कि 'यदि छोटी राजनीति का कोई चेहरा होता, तो वह शुभेंदु अधिकारी का ही होता।' वहीं, फायरब्रांड सांसद महुआ मोइत्रा ने भी इस विवाद में कूदते हुए तीखा ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, "तीन बार की मुख्यमंत्री और सात बार की सांसद रहीं ममता बनर्जी की जान को खतरे में डालकर भाजपा की बेशर्म और बदले की भावना वाली सरकार उन्हें अपमानित कर रही है। दूसरी तरफ, संघ प्रमुख मोहन भागवत हमारे टैक्स के पैसे से XYZ+++ सुरक्षा और सैकड़ों कमांडो गाड़ियों का आनंद ले रहे हैं।" सांसद कल्याण बनर्जी ने मीडिया से कहा कि ममता बनर्जी ने सरकार द्वारा भेजे गए नए सुरक्षा अधिकारी को स्वीकार करने से साफ मना कर दिया है, क्योंकि उन्हें सिर्फ अपने पुराने पीएसओ पर ही भरोसा है।

बीजेपी का दोटूक जवाब: 'अब वह मुख्यमंत्री नहीं, पूर्व सीएम हैं'

तृणमूल कांग्रेस के इन चौतरफा हमलों पर भाजपा ने भी बेहद कड़ा रुख अपनाया है। भाजपा विधायक असीम सरकार ने टीएमसी के आरोपों को खारिज करते हुए दोटूक लहजे में कहा कि ममता बनर्जी अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री नहीं हैं, बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री हैं। प्रोटोकॉल और नियमों के अनुसार एक पूर्व मुख्यमंत्री को जो सुरक्षा मिलनी चाहिए, राज्य सरकार उन्हें वही सुरक्षा मुहैया करा रही है। इसमें किसी भी तरह की बदले की भावना नहीं है, बल्कि प्रशासनिक नियमों का पालन किया जा रहा है।

चौतरफा संकट में घिरीं ममता बनर्जी: पार्टी टूटी, कोर्ट से भी लगा झटका

यह हाई-प्रोफाइल सुरक्षा विवाद ऐसे नाजुक समय में सामने आया है जब ममता बनर्जी और उनकी पार्टी चौतरफा सियासी संकटों से जूझ रही है। पश्चिम बंगाल में 15 साल तक एकछत्र राज करने वाली ममता बनर्जी को हाल ही में तब बड़ा झटका लगा जब उनकी पार्टी के करीब 20 सांसदों ने बगावत कर दी और त्रिपुरा की एक क्षेत्रीय पार्टी में अपनी सदस्यता का विलय कर लिया। इसके अलावा, आज ही कलकत्ता हाई कोर्ट ने भी ममता बनर्जी को बड़ा कानूनी झटका देते हुए बागी गुट के विधायक रितब्रत बनर्जी को 'नेता प्रतिपक्ष' के पद से हटाने से साफ इनकार कर दिया है।