सरकार की 'तानाशाही'! इक्रा हसन विवाद पर भड़के राकेश टिकैत, बोले, अफसरों पर दबाव

Post

India News Live,Digital Desk : किसान नेता राकेश टिकैत ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने हाल ही में कैराना से समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी इक्रा हसन से जुड़े 'पाकिस्तान जिंदाबाद' नारे के विवाद पर अपनी बात रखी और सरकार की कार्रवाई को 'अफसरों की तानाशाही' करार दिया। टिकैत का कहना है कि अधिकारी सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं।

शामली में पत्रकारों से बात करते हुए टिकैत ने साफ कहा कि यह सब सरकारी और प्रशासनिक दबाव का नतीजा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस छोटे-छोटे किसान धरना-प्रदर्शनों में भी लाठीचार्ज कर रही है और किसानों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इक्रा हसन के मामले को भी इसी कड़ी से जोड़ा और कहा कि यह सब लोकतंत्र के खिलाफ है।

टिकैत ने किसानों की अन्य समस्याओं पर भी सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी, महंगी बिजली और भूमि अधिग्रहण जैसे मुद्दों पर सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की मांगों को अनसुना कर रही है।

किसान नेता ने 5 जून को होने वाले देशव्यापी किसान आंदोलन की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि यह आंदोलन सरकार की गलत नीतियों और किसानों के उत्पीड़न के खिलाफ होगा। टिकैत ने 'संविधान बचाओ, देश बचाओ' अभियान का जिक्र करते हुए मौजूदा हालात को 'अघोषित आपातकाल' जैसा बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसानों की मांगें पूरी नहीं हुईं तो एक बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।

कुल मिलाकर, राकेश टिकैत ने इक्रा हसन विवाद को बहाना बनाते हुए सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने और किसानों की आवाज़ दबाने का आरोप लगाया है। उनकी यह टिप्पणी लोकसभा चुनाव के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नई बहस छेड़ सकती है।