कोर्ट में गलत रिपोर्ट पेश करना पड़ा भारी, आवास विकास का अधिशासी अभियंता निलंबित
India News Live,Digital Desk : उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी कार्यों में लापरवाही, भ्रष्टाचार और न्यायालय को गुमराह करने वाले अधिकारियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत बड़ी कार्रवाई की है। उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद में अनियमितताओं के चलते एक अधिशासी अभियंता (EE) को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि टेंडर और जमीन कब्जा प्रकरणों में दोषी पाए गए कई सेवानिवृत्त अभियंताओं की पेंशन में आजीवन कटौती का आदेश जारी किया गया है।
गलत रिपोर्ट पेश करने पर अधिशासी अभियंता सस्पेंड
आवास आयुक्त डॉ. बलकार सिंह के कड़े निर्देश पर अधिशासी अभियंता एकलाख को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामला न्यायालय में करीब 10 लाख रुपये की एक गलत रिपोर्ट प्रस्तुत करने से जुड़ा है। न्यायालय द्वारा इस पर कड़ी टिप्पणी किए जाने के बाद विभाग ने इसे अनुशासनहीनता और गंभीर लापरवाही मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की है।
रिटायर अभियंताओं पर भी गिरी गाज, कटेगी पेंशन
बुधवार को हुई आवास विकास परिषद की बोर्ड बैठक में पुराने मामलों की जांच रिपोर्ट के आधार पर कई कड़े फैसले लिए गए:
आगरा टेंडर घोटाला (2017): सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता बीएस गुप्ता पर आरोप है कि उन्होंने 2017 में करीब 9 करोड़ रुपये के सड़क निर्माण टेंडर में नियमों की अनदेखी की, जिससे परिषद को भारी वित्तीय नुकसान हुआ। दोषी पाए जाने पर बोर्ड ने उनकी पेंशन से आजीवन 5% कटौती का निर्णय लिया है।
इंदिरा नगर प्लॉट प्रकरण: लखनऊ के इंदिरा नगर में एक व्यावसायिक भूखंड (संख्या 7/5) का समय पर कब्जा न लेने के कारण परिषद की करीब 900 वर्ग मीटर कीमती जमीन कोर्ट केस में फंस गई। इसके लिए जिम्मेदार सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता गौतम कुमार की पेंशन से आजीवन 10% कटौती का फैसला किया गया है।
इन अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय जांच शुरू
बोर्ड ने भ्रष्टाचार और देरी के मामलों में कई अन्य पूर्व और वर्तमान अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय जांच (Departmental Inquiry) के आदेश दिए हैं:
सेवानिवृत्त सहायक अभियंता राजवीर सिंह और वीरेंद्र कुमार।
सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता राजीव कुमार सक्सेना और राकेश चंद्र।
कनिष्ठ लेखा अधिकारी गिरधारी लाल और सेवानिवृत्त आशुलिपिक खलील अहमद।
नजीबाबाद (बिजनौर) मामला: यहाँ भवनों और इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों में अत्यधिक देरी तथा आवंटन प्रक्रिया में विलंब की विशेष जांच कराई जाएगी।
प्रयागराज: करंट से मौत मामले में दो रेल अधिकारी निलंबित
आवास विकास के अलावा रेलवे विभाग में भी कार्रवाई देखने को मिली है। प्रयागराज की ललित नगर कॉलोनी में करंट लगने से आरपीएफ जवान की मौत और नैनी स्टेशन पर हुए हादसों को लेकर प्रशासन सख्त है:
एसएसई (SSE) मंजीत और जेई (JE) वैजनाथ यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
डीआरएम रजनीश अग्रवाल ने यूनियन के साथ हुई बैठक में भरोसा दिलाया कि मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर जल्द नौकरी दी जाएगी।