सुजलॉन एनर्जी का 'पावरफुल' कमबैक: 3 महीने में 50% उछला स्टॉक, क्या अभी भी है खरीदने का मौका? ब्रोकरेज ने दिए ₹71 तक के टारगेट

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India News Live,Digital Desk : रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की दिग्गज कंपनी 'सुजलॉन एनर्जी' (Suzlon Energy) इन दिनों शेयर बाजार में चर्चा का केंद्र बनी हुई है। मार्च 2026 में 40 रुपये के नीचे लुढ़कने वाला यह स्टॉक अब शानदार वापसी कर चुका है और निवेशकों को 3 महीने के भीतर ही 50% का जबरदस्त रिटर्न दे चुका है।

क्यों दौड़ रहा है सुजलॉन का शेयर?

सुजलॉन की इस तेजी के पीछे कई मजबूत बुनियादी कारण (Fundamentals) हैं:

मजबूत ऑर्डर बुक: कंपनी के पास वर्तमान में 5,892 मेगावाट की मजबूत ऑर्डर बुक है, जो आने वाले समय में कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ सुनिश्चित करती है।

बढ़ती मांग: भारत में रिन्यूएबल एनर्जी, खासकर विंड पावर की बढ़ती मांग ने कंपनी के लिए नए अवसर पैदा किए हैं। शाम के समय विंड पावर की उपलब्धता इसे सोलर के मुकाबले एक बेहतर विकल्प बनाती है।

बेहतर वित्तीय प्रदर्शन: मार्च तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 45% बढ़कर 5,494 करोड़ रुपये पहुंच गया है, जो इसके ऑपरेशनल ग्रोथ को दर्शाता है।

ब्रोकरेज का नजरिया: क्या है आगे की राह?

दिग्गज ब्रोकरेज फर्म्स इस स्टॉक को लेकर काफी उत्साहित हैं और इसे निवेश के लिए एक अच्छा विकल्प मान रहे हैं:

आनंद राठी: स्टॉक पर ‘Buy’ रेटिंग दी है और 60 रुपये का लक्ष्य रखा है।

JM Financial: इसने अपना लक्ष्य बढ़ाकर 65 रुपये कर दिया है।

सिस्टमैटिक्स इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़: यह कंपनी पर सबसे ज्यादा बुलिश है और इसने 71 रुपये का बड़ा टारगेट दिया है।

क्या अभी निवेश करना सही है?

विशेषज्ञों का मानना है कि सुजलॉन अब EPC, Hybrid और FDRE प्रोजेक्ट्स पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिससे इसकी भविष्य की कमाई में और इजाफा होने की संभावना है। कंपनी का विंड टरबाइन डिलीवरी का आंकड़ा (FY26 में 2,456 मेगावाट) यह बताता है कि कंपनी अपने काम को तेजी से आगे बढ़ा रही है।

हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान में रखना चाहिए कि रिन्यूएबल सेक्टर काफी हद तक सरकारी नीतियों और ग्लोबल एनर्जी मार्केट के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है। यदि आप लंबी अवधि (Long-term) के लिए निवेश की सोच रहे हैं, तो सुजलॉन अपनी मजबूत ऑर्डर बुक के चलते एक आकर्षक विकल्प बना हुआ है।