"वरना लोकसभा वाला हाल होगा...": सीएम योगी पर प्रियंका चतुर्वेदी का तीखा हमला, संभल हिंसा और 10 साल के कामकाज पर घेरा
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। हाल ही में संभल हिंसा का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर माफियाओं को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया था, जिस पर शिवसेना (UBT) की वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। प्रियंका चतुर्वेदी ने सीएम योगी के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि राज्य में पिछले दस साल से आपकी अपनी सरकार है, इसलिए अपनी विफलताओं का ठीकरा पिछली सरकारों पर नहीं फोड़ा जा सकता। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जनता का ध्यान भटकाने के बजाय सरकार को अपने 10 साल के कामकाज पर बात करनी चाहिए, वरना आगामी विधानसभा चुनाव में भी वही हाल होगा जो लोकसभा चुनाव में जनता ने दिखाया था।
संभल हिंसा और लोकसभा चुनावों के नतीजों पर क्या बोलीं प्रियंका चतुर्वेदी?
प्रेस से बातचीत के दौरान प्रियंका चतुर्वेदी ने सीएम योगी द्वारा समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर किए गए राजनीतिक हमलों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान भी यही एजेंडा चलाया गया था और व्यक्तिगत स्तर पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए थे, लेकिन उत्तर प्रदेश की जनता ने लोकसभा चुनाव के नतीजों के जरिए अपना कड़ा मूड साफ तौर पर सरकार को बता दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जनता की बुनियादी अपेक्षाओं को पूरा करने में सरकार अभी तक नाकाम साबित हुई है और हर बार मुद्दों से ध्यान भटकाने की राजनीति की जा रही है। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि विकास और जनता के मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले विधानसभा चुनावों में भी बीजेपी को जनता की नाराजगी का सामना करना पड़ेगा।
रूस से तेल खरीद और अमेरिकी टैरिफ बिल पर दो-ूक बयान
इसके साथ ही, प्रियंका चतुर्वेदी ने अमेरिका की सीनेट द्वारा रूस से तेल खरीदने वाले देशों (भारत समेत पांच देशों) पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की अनुमति देने वाले नए विधेयक पर भी खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अमेरिका की तरफ से लगातार यह दबाव बनाया जा रहा है कि भारत रूस से तेल का आयात बंद कर दे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भारत अमेरिका के दबाव में आकर अपने रणनीतिक हितों से समझौता कर लेगा? प्रियंका ने जोर देकर कहा कि देश की ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) और अंतरराष्ट्रीय संबंध पूरी तरह स्वतंत्र होने चाहिए, लेकिन दुर्भाग्य से भारत-अमेरिका ट्रेड डील में यह पारदर्शिता नजर नहीं आ रही है, जिस पर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
झारखंड के छात्र आंदोलन पर जताई संवेदना और दी नसीहत
झारखंड में चल रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन और आंदोलन पर बोलते हुए शिवसेना नेता ने कहा कि यह एक सकारात्मक पहल है कि अब बातचीत का दौर शुरू हो चुका है, इसलिए छात्रों की जायज मांगों पर सरकार को जल्द से जल्द संवेदनशील फैसला लेना चाहिए। उन्होंने युवाओं से जुड़े मुद्दों पर पूरी पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की वकालत की। इसके साथ ही उन्होंने राजनीतिक दलों को नसीहत देते हुए कहा कि देश की युवा शक्ति को कभी भी राजनीतिक खेमों में नहीं बांटना चाहिए, चाहे वहां किसी भी दल की सरकार हो, युवाओं के हितों के लिए सभी को एकजुट होकर सोचना चाहिए।