UP Name Change News: अब 'रविंद्रनगर' के नाम से जाना जाएगा मियांपुर, लखीमपुर खीरी में सीएम योगी ने किया बड़ा ऐलान
India News Live,Digital Desk : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को उत्तर प्रदेश में एक और नाम परिवर्तन का बड़ा ऐलान किया है। लखीमपुर खीरी के दौरे पर पहुंचे सीएम योगी ने जिले के गांव 'मियांपुर' का नाम बदलकर 'रविंद्रनगर' करने की घोषणा की। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने पिछली सरकारों पर कड़ा प्रहार किया और कहा कि राजनीतिक तुष्टीकरण के कारण गांव की वास्तविक पहचान को छिपाने की कोशिश की गई थी।
"मियांपुर में एक भी 'मियां' नहीं"
मुख्यमंत्री ने नाम परिवर्तन के पीछे का तर्क देते हुए कहा, "गुरुदेव के नाम पर अब मियांपुर को रविंद्रनगर के नाम से जाना जाएगा। पूर्ववर्ती सरकारों ने अपनी खास मानसिकता के चलते इस गांव का नाम मियांपुर रख दिया था, जबकि सच्चाई यह है कि इस गांव में एक भी 'मियां' (मुस्लिम) नहीं रहता है।" सीएम ने स्पष्ट किया कि यह कदम गांव की सांस्कृतिक पहचान को वापस दिलाने के लिए उठाया गया है।
विस्थापित हिंदू परिवारों को मिला जमीन का मालिकाना हक
लखीमपुर खीरी के चंदन चौकी में आयोजित इस कार्यक्रम में सीएम योगी ने 213 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने 1971 के भारत-पाक युद्ध के बाद बांग्लादेश से आए 331 हिंदू परिवारों को भूमिधरी अधिकार पत्र वितरित किए।
न्याय का क्षण: सीएम ने कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक फैसला नहीं है, बल्कि उन परिवारों के साथ न्याय है जो दशकों से असुरक्षा और पीड़ा में जी रहे थे।
थारू समुदाय को सम्मान: महाराणा प्रताप को अपना पूर्वज मानने वाले थारू समुदाय के 4356 परिवारों को भी 5338 हेक्टेयर जमीन का अधिकार पत्र सौंपा गया।
पाकिस्तान और विपक्ष पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान के वर्तमान हालात पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पाकिस्तान के पापों की वजह से वहां के हिंदू विस्थापित हुए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, "पाकिस्तान के अभी और टुकड़े होंगे।" साथ ही, उन्होंने सपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जब बांग्लादेश में हिंदुओं और सिखों पर अत्याचार होता है, तो विपक्ष के होंठ सिल जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल केवल 'जिन्ना' का महिमामंडन करना जानते हैं।
दबंगों और भ्रष्टाचार पर लगाम
सीएम योगी ने भरोसा दिलाया कि अब इन विस्थापित परिवारों और थारू समाज के लोगों को न तो वन विभाग परेशान करेगा और न ही राजस्व विभाग। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि अब कोई भी लेखपाल कागजों में हेरफेर कर दबंगों को इन जमीनों पर कब्जा नहीं करवा पाएगा। नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन परिवारों को कानूनन उनके अधिकार दिए जा रहे हैं।