देश में दौड़ेगी डिजिटल क्रांति की नई रफ्तार: डेटा सेंटरों की बढ़ेगी बिजली की भूख, जितिन प्रसाद ने दिया बड़ा संकेत...
India News Live,Digital Desk : केंद्र सरकार ने देश में तेजी से विकसित हो रहे डिजिटल इकोसिस्टम को लेकर एक महत्वपूर्ण भविष्यवााणी की है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी (IT) राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में भारत में डेटा सेंटरों की बिजली मांग में भारी उछाल आने वाला है। उन्होंने बताया कि जिस तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल सेवाओं का दायरा बढ़ रहा है, उसे संभालने के लिए मजबूत बुनियादी ढांचे और भारी ऊर्जा आपूर्ति की जरूरत होगी।
AI और डिजिटल क्रांति का दिखेगा असर
मंत्री जितिन प्रसाद के अनुसार, भारत आज दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल बाजारों में से एक बनकर उभरा है। एआई (AI) और मशीन लर्निंग जैसी तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल के कारण डेटा प्रोसेसिंग की मांग कई गुना बढ़ गई है। इसके लिए देश भर में बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों को चौबीसों घंटे चालू रखने के लिए बिजली की खपत का ग्राफ तेजी से ऊपर जाएगा, जो देश के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक नई चुनौती और अवसर दोनों लेकर आएगा।
डेटा हब बनने की ओर अग्रसर भारत
सरकार का मानना है कि डेटा सेंटर केवल भंडारण के केंद्र नहीं हैं, बल्कि ये आधुनिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। जितिन प्रसाद ने संकेत दिया कि सरकार इन केंद्रों की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए स्थायी और सुलभ बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने पर काम कर रही है। आने वाले वर्षों में, डेटा सेंटर उद्योग भारत को ग्लोबल डिजिटल हब बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।