जम्मू-कश्मीर में कुदरत का कहर: डोडा में फटा बादल, सैलाब में बह गए कई मकान और गाड़ियां, इलाके में भारी तबाही
जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी जिले डोडा से कुदरत के कहर की एक बेहद दर्दनाक और डराने वाली खबर सामने आ रही है। यहां के एक सुदूर ग्रामीण इलाके में मूसलाधार बारिश के बीच अचानक बादल फट गया। बादल फटने के बाद पहाड़ी के ऊपरी हिस्से से लाखों टन मलबा, कीचड़ और पानी का सैलाब बेहद तेज रफ्तार से नीचे रिहायशी बस्तियों की तरफ आ गया। आधी रात को आई इस प्राकृतिक आपदा के कारण स्थानीय लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई।
सैलाब की चपेट में आए कई पक्के मकान, मलबे में तिनके की तरह बही गाड़ियां
इस भयानक हादसे में संपत्ति और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचने की खबर है। मलबे के साथ आए पानी के तेज बहाव ने रास्ते में आने वाले कई पक्के और कच्चे मकानों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वे ताश के पत्तों की तरह ढह गए। सड़कों और घरों के बाहर खड़ी दर्जनों कारें, कमर्शियल गाड़ियां और मवेशी इस सैलाब में तिनके की तरह बहते नजर आए। कई प्रमुख संपर्क मार्ग और पुल पूरी तरह टूट चुके हैं, जिससे प्रभावित गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से पूरी तरह कट गया है।
प्रशासन ने शुरू किया युद्धस्तर पर रेस्क्यू, सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन (SDRF) की टीमें राहत और बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंच गई हैं। प्रभावित इलाकों से लोगों को निकालकर सुरक्षित शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन ने नदी-नालों के किनारे रहने वाले सभी स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को ऊंचाई वाले सुरक्षित स्थानों पर जाने की सख्त हिदायत जारी की है।