पुणे फार्महाउस पर राजकीय सम्मान से होगा नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार, अंतिम दर्शन के लिए उमड़ेगा जनसैलाब
भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और समाज सुधारक नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आ गई है। गोवा के डोना पाउला स्थित आवास पर 75 वर्ष की उम्र में अचानक कार्डियक अरेस्ट से हुए उनके निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर सड़क मार्ग से पुणे लाया जा रहा है। परिवार और करीबी सूत्रों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार पुणे के खड़कवासला स्थित उनके पसंदीदा फार्महाउस पर ही संपन्न किया जाएगा। यह वही जगह है जहां नाना पाटेकर अपनी जिंदगी के सबसे सुकून भरे पल बिताते थे, खुद खेती करते थे और आम किसानों व ग्रामीणों से सीधे जुड़ाव रखते थे।
नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर और परिवार के करीबी सदस्य गोवा मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम व कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद पार्थिव शरीर को लेकर पुणे के लिए रवाना हो चुके हैं। पुणे जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने फार्महाउस और उसके आसपास के इलाके में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। फार्महाउस के बड़े प्रांगण में अंतिम दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है, ताकि सिनेमा, रंगमंच और सामाजिक जगत से जुड़ी हस्तियां तथा स्थानीय नागरिक अपने चहेते अभिनेता को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें।
महाराष्ट्र सरकार ने किया राजकीय सम्मान का ऐलान, तोपों की सलामी के साथ विदाई
सिनेमा, कला और समाज सेवा के क्षेत्र में नाना पाटेकर के ऐतिहासिक योगदान को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने उनके अंतिम संस्कार को पूरे राजकीय सम्मान (State Honours) के साथ करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी निर्देश के मुताबिक, अंतिम संस्कार के दौरान महाराष्ट्र पुलिस का सशस्त्र बल उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर (Guard of Honour) देगा और राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे में उनके पार्थिव शरीर को लपेटकर तोपों की सलामी दी जाएगी।
नाना पाटेकर ने तीन बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता था और भारत सरकार द्वारा उन्हें देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'पद्मश्री' से भी नवाजा गया था। इसके साथ ही, 'नाम फाउंडेशन' के जरिए महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित क्षेत्रों में हजारों किसान परिवारों को आर्थिक संबल देने और जल संरक्षण के भगीरथ प्रयास करने के चलते उन्हें राज्य भर में गहरी आत्मीयता से देखा जाता है। यही कारण है कि शासन-प्रशासन ने उन्हें यह सर्वोच्च राजकीय विदाई देने का फैसला किया है।
किसानों और आम जनता के लिए खुले रहेंगे द्वार, अंतिम दर्शन का संभावित कार्यक्रम
नाना पाटेकर ताउम्र आम जनता और किसानों के बीच रहे, इसलिए परिवार ने फैसला किया है कि अंतिम संस्कार से पहले उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए फार्महाउस पर रखा जाएगा। मराठवाड़ा और विदर्भ के कई जिलों से किसान प्रतिनिधि और ग्रामीण अपने मसीहा को आखिरी विदाई देने के लिए पुणे पहुंच रहे हैं।
प्रशासनिक कार्यक्रम के अनुसार, दोपहर के समय पार्थिव शरीर को खड़कवासला फार्महाउस लाया जाएगा, जिसके बाद करीब दो से तीन घंटे का समय आम लोगों और प्रशंसकों के अंतिम दर्शन के लिए निर्धारित किया गया है। इसके पश्चात राजकीय सम्मान की औपचारिक रस्में पूरी की जाएंगी और शाम के समय पारंपरिक विधि-विधान से उनका अंतिम संस्कार संपन्न होगा। परिवार ने प्रशंसकों और मीडिया से शांति और व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।