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October 08 2026 06:03 pm

कंगना रनौत के अश्लील AI डीपफेक पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, समन जारी; इन दिग्गजों ने भी लगाई थी गुहार

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बॉलीवुड अभिनेत्री और हिमाचल प्रदेश के मंडी से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की लोकसभा सांसद कंगना रनौत ने इंटरनेट पर अपने नाम, चेहरे और छवि के गंभीर दुरुपयोग के खिलाफ देश की अदालत का दरवाजा खटखटाया है। सोशल मीडिया और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर बनाए जा रहे आपत्तिजनक, अश्लील और पॉर्नोग्राफिक सामग्री के खिलाफ कंगना रनौत ने दिल्ली हाईकोर्ट में पर्सनालिटी राइट्स (व्यक्तित्व अधिकारों) के संरक्षण के लिए सिविल सूट दायर किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायमूर्ति विकास महाजन की पीठ ने प्रतिवादियों को समन जारी करते हुए जल्द अंतरिम आदेश पारित करने का संकेत दिया है।

अदालत में अभिनेत्री की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकीलों ने दलील दी कि इंटरनेट पर कई ऐसे डीपफेक वीडियोज, मॉर्फ्ड तस्वीरें और फर्जी बयानबाजी प्रसारित की जा रही हैं, जिन्हें गलत तरीके से कंगना रनौत से जोड़ा जा रहा है। याचिका में कहा गया है कि यह न केवल एक महिला की गरिमा और निजता का खुला उल्लंघन है, बल्कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि और स्थापित कलाकार की सार्वजनिक साख को अपूरणीय क्षति पहुंचाने की सोची-समझी साजिश है। हालांकि, कंगना की कानूनी टीम ने कोर्ट में स्पष्ट किया कि वे फिलहाल मीम्स या राजनीतिक व्यंग्य (सटायर) को हटाने की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि उनकी याचिका केवल यौन रूप से आपत्तिजनक, अश्लील और फर्जी AI कंटेंट को इंटरनेट से हटाने तक सीमित है।

विजय देवरकोंडा ने भी लगाई गुहार, अदालत ने दोनों मामलों को एक साथ सुना

दिलचस्प बात यह है कि जिस दिन कंगना रनौत की याचिका पर सुनवाई हुई, उसी दिन तेलुगु सिनेमा के सुपरस्टार विजय देवरकोंडा की पर्सनालिटी राइट्स से जुड़ी याचिका भी जस्टिस विकास महाजन की अदालत के समक्ष सूचीबद्ध थी। विजय देवरकोंडा के वकीलों ने अदालत को बताया कि अनधिकृत तीसरे पक्ष व्यावसायिक लाभ के लिए अभिनेता के नाम, आवाज और पहचान का दुरुपयोग कर रहे हैं। मर्चेंडाइज बेचने से लेकर फर्जी एंडोर्समेंट और AI के जरिए तैयार किए गए आपत्तिजनक वीडियोज में उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

अदालत ने दोनों ही मामलों में संज्ञान लेते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और संबंधित पक्षों को नोटिस व समन जारी किए हैं। अदालत का मानना है कि तकनीकी क्रांति के इस दौर में किसी भी नागरिक, विशेषकर सार्वजनिक हस्तियों के चेहरे, आवाज और व्यक्तित्व का अनधिकृत व्यावसायिक या अश्लील इस्तेमाल कानूनन अस्वीकार्य है।

अमिताभ बच्चन से लेकर ऐश्वर्या और सलमान तक, ये हस्तियां भी मांग चुकी हैं सुरक्षा

कंगना रनौत और विजय देवरकोंडा से पहले भी देश के कई दिग्गज अपनी पहचान और डिजिटल सुरक्षा के लिए अदालतों से अंतरिम राहत (John Doe Orders) हासिल कर चुके हैं। महानायक अमिताभ बच्चन ने सबसे पहले अपनी आवाज और चेहरे के अनधिकृत इस्तेमाल पर रोक लगवाई थी। इसके बाद अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन, अभिषेक बच्चन और सुपरस्टार सलमान खान ने भी अपनी पर्सनालिटी राइट्स की रक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था।

सिर्फ फिल्म सितारे ही नहीं, बल्कि आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री व अभिनेता पवन कल्याण, आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर, वरिष्ठ पत्रकार सुधीर चौधरी, पॉडकास्टर राज शमानी और युवा क्रिकेटर अभिषेक शर्मा जैसे प्रसिद्ध चेहरे भी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अपनी छवि के दुरुपयोग और AI क्लोनिंग के खिलाफ हाईकोर्ट से सुरक्षा आदेश प्राप्त कर चुके हैं। जनहित और सेलिब्रिटी अधिकारों के जानकारों का कहना है कि कंगना रनौत की यह याचिका भारत में जेनेरेटिव AI, डीपफेक और साइबर कानूनों के कड़े क्रियान्वयन की दिशा में एक नया मील का पत्थर साबित हो सकती है।