2 दिन बाद नीच राशि वृश्चिक में चंद्रमा का गोचर: विपरीत राजयोग से इन 6 राशियों की खुलेगी किस्मत
ज्योतिष शास्त्र में मन, माता, मानसिक शांति, द्रव्य पदार्थों और आंतरिक चेतना के अधिष्ठाता चंद्रमा को सबसे तीव्र गति से राशि बदलने वाला ग्रह माना गया है। चंद्रमा सवा दो दिन (लगभग 54 घंटे) में एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश कर जाते हैं। वैदिक ज्योतिष की काल गणना के अनुसार, ठीक 2 दिन बाद यानी 16 सितंबर 2026 को चंद्रमा तुला राशि की अपनी यात्रा पूर्ण कर मंगल के आधिपत्य वाली जलतत्वीय राशि 'वृश्चिक' में प्रवेश करने जा रहे हैं।
ज्योतिषीय नियमों के अनुसार वृश्चिक राशि में चंद्रमा 'नीच' अवस्था में माने जाते हैं। सामान्यतः नीच के ग्रह को कमजोर या कष्टकारी माना जाता है, परंतु गोचर काल में जब चंद्रमा वृश्चिक राशि में आते हैं, तो कई कुंडलियों में वे 'नीचभंग राजयोग' और 'विपरीत राजयोग' का निर्माण करते हैं। मंगल और चंद्र का संबंध जहां लक्ष्मी योग की पृष्ठभूमि बनाता है, वहीं कई भावों के लिए यह नीचस्थ गोचर अप्रत्याशित वित्तीय उछाल, गुप्त धन और करियर में आकस्मिक सफलता लेकर आता है। इस बार चंद्रमा के इस गोचर से 6 विशेष राशियों के जातकों को बंपर आर्थिक लाभ और भाग्य का अप्रत्याशित साथ मिलने के प्रबल संकेत मिल रहे हैं।
नीच राशि में चंद्रमा का गोचर: क्या कहता है वैदिक ज्योतिष?
वैदिक ज्योतिष के मूल सिद्धांतों के अनुसार चंद्रमा वृषभ राशि में उच्च के और वृश्चिक राशि में नीच के होते हैं। वृश्चिक राशि मंगल की तामसिक और गंभीर जलतत्वीय राशि है, जहां पहुंचकर चंद्रमा की शीतलता में तीव्रता और रहस्यमय ऊर्जा का समावेश होता है।
जब चंद्रमा नीच राशि में आते हैं, तो व्यक्ति के भीतर गूढ़ ज्ञान, शोध, रणनीति बनाने की क्षमता और जोखिम लेने की शक्ति तीव्र हो जाती है। विशेषकर उन जातकों के लिए जिनके जन्म चक्र में मंगल अनुकूल स्थिति में हैं, यह गोचर विपरीत परिस्थितियों को भी बड़े धन लाभ में बदलने का काम करता है। शेयर बाजार के रणनीतिक सौदों, कमीशन के कार्यों, रियल एस्टेट, बीमा क्लेम और पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में यह गोचर चमत्कारिक परिणाम देता है।
मेष राशि: अचानक धन प्राप्ति और अटके प्रोजेक्ट्स में गति
मेष राशि के जातकों के लिए चंद्रमा का गोचर आठवें भाव में होगा। आठवां भाव गूढ़ रहस्यों, आकस्मिक धन लाभ और पैतृक संपत्ति का माना जाता है। चूंकि मेष राशि के स्वामी मंगल हैं, इसलिए चंद्रमा का यह गोचर आपके लिए 'विपरीत लाभ' का योग बनाएगा।
इस दौरान आपको किसी पुराने अनपेक्षित स्रोत, बीमा पॉलिसी, या पूर्व में किए गए किसी निवेश से मोटा धन लाभ हो सकता है। यदि आप रिसर्च, डेटा एनालिसिस, माइनिंग, या गुप्त विद्याओं के क्षेत्र से जुड़े हैं, तो कोई बड़ी उपलब्धि हाथ लग सकती है। हालांकि, वाहन चलाते समय गति पर नियंत्रण रखें, किंतु आर्थिक दृष्टिकोण से यह समय आपकी झोली भरने वाला सिद्ध होगा।
वृषभ राशि: व्यापारिक साझेदारी में जबरदस्त उछाल और मान-सम्मान
वृषभ राशि के लिए चंद्रमा तीसरे भाव के स्वामी होकर सातवें भाव यानी दांपत्य और व्यापारिक साझेदारी के भाव में नीचस्थ होंगे। सातवें भाव में चंद्रमा की उपस्थिति से आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा और जनसंपर्क में भारी विस्तार होगा।
व्यापारियों को नए साझीदारों (पार्टनर्स) से बड़ा आर्थिक सहयोग मिलेगा। यदि कोई व्यापारिक डील पिछले कई महीनों से लटकी हुई थी, तो वह अचानक अंतिम रूप लेगी। जीवनसाथी के नाम से किया गया कोई नया निवेश या कारोबार आपको भारी मुनाफा कराएगा। आयात-निर्यात और दैनिक उपभोग की वस्तुओं का व्यापार करने वाले जातकों के लिए यह समय स्वर्णिम साबित होगा।
कर्क राशि: बौद्धिक क्षमता से कमाई और संतान पक्ष से शुभ समाचार
कर्क राशि के स्वामी स्वयं चंद्रमा हैं और वे आपकी राशि से पंचम भाव यानी विद्या, बुद्धि, प्रेम और सट्टे के भाव में संचार करेंगे। अपनी ही राशि के स्वामी का त्रिकोण भाव में जाना मानसिक सजगता को कई गुना बढ़ा देता है।
विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह समय अत्यंत अनुकूल रहेगा। जो जातक शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या कला-सिनेमा के क्षेत्र से जुड़े हैं, वे अपनी सटीक रणनीतियों के दम पर बंपर मुनाफा कमाएंगे। संतान की ओर से किसी उच्च शिक्षा या करियर से जुड़ा शुभ समाचार मिलने से घर में उत्सव जैसा वातावरण रहेगा। आय के नए स्रोत स्वतः निर्मित होंगे।
कन्या राशि: पराक्रम में वृद्धि और मार्केटिंग-मीडिया से बंपर फायदा
कन्या राशि के जातकों के लिए चंद्रमा का यह गोचर तीसरे भाव यानी साहस, पराक्रम, संचार और छोटे भाई-बहनों के भाव में होने जा रहा है। तीसरे भाव में चंद्रमा का गोचर व्यक्ति को अत्यधिक क्रियाशील और ऊर्जावान बना देता है।
यदि आप मीडिया, डिजिटल मार्केटिंग, लेखन, पत्रकारिता या जनसंपर्क के क्षेत्र में कार्यरत हैं, तो आपके द्वारा उठाया गया एक साहसिक कदम आपको बड़ा आर्थिक अनुबंध दिला सकता है। छोटी-मोटी व्यावसायिक यात्राएं बेहद लाभकारी सिद्ध होंगी। आपके द्वारा लिए गए त्वरित और कड़े फैसले कार्यक्षेत्र में विरोधियों की बोलती बंद कर देंगे और आपको वरिष्ठ अधिकारियों से विशेष इंसेंटिव या आर्थिक पुरस्कार दिलाएंगे।
मकर राशि: एकादश भाव में महालाभ और रुकी हुई पेमेंट्स की वापसी
मकर राशि के जातकों के लिए चंद्रमा का गोचर ग्यारहवें भाव में होने जा रहा है। एकादश भाव कुंडली में आय, लाभ, इच्छा पूर्ति और बड़े संपर्कों का केंद्र होता है। ग्यारहवें भाव में किसी भी ग्रह का गोचर अत्यंत शुभकारी माना जाता है।
इस गोचर के प्रभाव से मकर राशि वालों की आमदनी में अचानक जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। जो धन लंबे समय से डूबा हुआ या फंसा हुआ मान लिया गया था, वह वापस मिलने के मजबूत योग बन रहे हैं। बड़े कॉरपोरेट क्लाइंट्स या सरकारी तंत्र से जुड़े वरिष्ठ लोगों के सहयोग से आपको नए प्रोजेक्ट्स मिलेंगे। बैंक बैलेंस में भारी इजाफा होगा और आपकी कोई बड़ी महत्वाकांक्षा या भौतिक इच्छा इस दौरान पूरी हो सकती है।
मीन राशि: भाग्य का अप्रत्याशित साथ और धर्म-कर्म से धन लाभ
मीन राशि के जातकों के लिए चंद्रमा का गोचर नवम भाव यानी भाग्य और धर्म के स्थान में होने जा रहा है। भाग्य भाव में चंद्रमा की उपस्थिति से पिछले कई दिनों से चल रहा मानसिक तनाव और निराशा का दौर समाप्त होगा।
अब तक जिन कार्यों में किस्मत आपका साथ नहीं दे रही थी, वहां भाग्य का पहिया तेजी से घूमने लगेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी ईमानदारी और निष्ठा का फल प्रमोशन या वेतन वृद्धि के रूप में सामने आ सकता है। दूरदराज की धार्मिक या व्यापारिक यात्राओं से बड़ा आर्थिक लाभ होगा। पिता और गुरुजनों का पूरा आशीर्वाद आपको मिलेगा, जिससे पैतृक व्यवसाय में नई जान आएगी और समाज में आपकी साख बढ़ेगी।
नीचस्थ चंद्रमा के नकारात्मक प्रभावों से बचने के उपाय
यद्यपि यह गोचर इन 6 राशियों के लिए वित्तीय रूप से अत्यंत लाभकारी रहेगा, किंतु चंद्रमा के नीचस्थ होने के कारण कुछ समय के लिए जातक अत्यधिक भावुक या मानसिक रूप से चंचल हो सकते हैं। इसे संतुलित रखने और लाभ को स्थायी बनाने के लिए ये उपाय करें:
प्रतिदिन प्रातः काल या प्रदोष काल में शिवलिंग पर कच्चा दूध मिश्रित जल और सफेद चंदन अर्पित करें।
'ॐ नमः शिवाय' अथवा चंद्रमा के बीज मंत्र 'ॐ सों सोमाय नमः' का 108 बार जाप करें।
अपनी माता और माता समान स्त्रियों का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें और उन्हें चांदी या सफेद वस्त्र भेंट करें।
सोमवार और पूर्णिमा के दिन जल का अपव्यय बिल्कुल न करें और यथासंभव जरूरतमंदों को दूध, चावल या चीनी का दान करें।